जनस्वास्थ्य की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग चम्पावत द्वारा समय-समय पर चलाए जा रहे विशेष निरीक्षण अभियानों के तहत लिए गए खाद्य पदार्थों के नमूनों में कुल 07 नमूने अधोमानक पाए गए।
खाद्य विश्लेषक, रूद्रपुर की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित विनिर्माता कंपनियों एवं खाद्य कारोबारकर्ताओं के विरुद्ध सक्षम न्यायालय में वाद दायर किए गए थे। इन प्रकरणों का निस्तारण करते हुए माननीय न्याय निर्णायक अधिकारी/अपर जिलाधिकारी, चम्पावत द्वारा कुल ₹4,20,000 (चार लाख बीस हजार रुपये) का जुर्माना अधिरोपित किया गया।
विभाग द्वारा जनवरी 2023 में टनकपुर से लिए गए Nature Fresh Purita Mustard Oil के नमूने को हाई बीआर वैल्यू के कारण अधोमानक घोषित किया गया, जिसमें राजस्थान स्थित विनिर्माता कंपनी पर ₹2,00,000 का जुर्माना लगाया गया।
अक्टूबर 2024 में चम्पावत से लिए गए अजवाइन के नमूने के अधोमानक पाए जाने पर कानपुर स्थित एक प्रा.लि. पर ₹50,000 का जुर्माना अधिरोपित किया गया।
मई 2024 में बनबसा से लिए गए मिठाई के नमूने के अधोमानक पाए जाने पर संबंधित खाद्य व्यवसायी पर ₹20,000 का जुर्माना लगाया गया।
इसी प्रकार दिसम्बर 2021 में लोहाघाट से लिए गए नमक के नमूने में आयोडीन वैल्यू अधिक पाए जाने पर ₹55,000 का जुर्माना लगाया गया।
बनबसा से लिए गए नमूने में फैट की मात्रा कम पाए जाने के कारण गुजरात स्थित कंपनी पर ₹50,000 का जुर्माना अधिरोपित किया गया।
इसके अतिरिक्त मार्च 2025 में टनकपुर डेयरी एवं लोहाघाट डेयरी से लिए गए नमूने अधोमानक पाए जाने पर संबंधित कारोबारकर्ताओं पर क्रमशः ₹25,000 एवं ₹20,000 का जुर्माना लगाया गया।
इसी क्रम में 13 अप्रैल 2026 को खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा चम्पावत बाजार स्थित एक मॉल का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों के रखरखाव, गुणवत्ता तथा क्रय-विक्रय से संबंधित अभिलेखों की गहन जांच की गई। साथ ही रस्क एवं रोस्टेड सूजी के कुल 02 नमूने संग्रहित कर जांच हेतु राजकीय प्रयोगशाला, रूद्रपुर को भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर नियमानुसार अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।
अभियान दल में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी योगिता तिवारी एवं सहायक श्री दिनेश फर्त्याल शामिल रहे।

