इजड़ा (चम्पावत): स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, आज पंडित दीन दयाल उपाध्याय इंटर कॉलेज, इजड़ा में ‘तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया। इस विशेष जागरूकता सत्र में काउंसलर हरीश पांडे ने युवा विद्यार्थियों और स्थानीय ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद कर उन्हें एक बेहतर और नशामुक्त जीवन जीने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान काउंसलर हरीश पांडे ने तंबाकू के सेवन से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य प्रभावों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि किस प्रकार तंबाकू का सेवन कैंसर, हृदय रोगों और अन्य लाइलाज बीमारियों का मुख्य कारण बन रहा है। उन्होंने छात्रों को किशोरावस्था में नशे के प्रलोभन से बचने और अपनी ऊर्जा को खेल, शिक्षा और रचनात्मक कार्यों में लगाने के लिए प्रोत्साहित किया।
तंबाकू छोड़ने के लाभ: हरीश पांडे ने विस्तार से समझाया कि तंबाकू छोड़ने के कुछ ही हफ्तों के भीतर शरीर में सकारात्मक बदलाव आने शुरू हो जाते हैं, जिससे फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है और मानसिक तनाव कम होता है।
ग्रामीणों की भागीदारी: केवल छात्रों तक ही सीमित न रहकर, यह कार्यक्रम स्थानीय ग्रामीणों तक पहुँचा। काउंसलर ने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे अपने घर और समाज को तंबाकू मुक्त बनाने के लिए एक ‘रोल मॉडल’ बनें।
परामर्श सत्र: कार्यक्रम के अंत में व्यक्तिगत परामर्श भी दिया गया, जहाँ लोगों ने नशा छोड़ने की अपनी इच्छाशक्ति को और मजबूत करने के लिए टिप्स लिए।
कॉलेज प्रशासन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक हैं। ग्रामीणों ने भी इस बात पर सहमति जताई कि सामूहिक प्रयासों से ही वे अपने क्षेत्र को पूरी तरह से ‘तंबाकू मुक्त’ बना सकते हैं।

