अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर चम्पावत में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित, वरिष्ठ नागरिकों को बताए अधिकार और सरकारी योजनाओं के लाभ ।
चम्पावत। अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 को चम्पावत के बस स्टैंड एवं मादली क्षेत्र में विशेष विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के निर्देशों के अनुपालन में तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चम्पावत के सचिव श्री भवदीप रावते के दिशा-निर्देशन में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं एवं उपलब्ध सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक करना रहा।शिविर के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकार मित्रों ने उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों को माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस अधिनियम के तहत वरिष्ठ नागरिकों को भरण-पोषण एवं संरक्षण से संबंधित कानूनी अधिकार प्राप्त हैं। साथ ही, वरिष्ठजनों से संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना गया और उन्हें आवश्यक कानूनी जानकारी एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया।इस दौरान केंद्र एवं राज्य सरकार के साथ-साथ राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी गई। अधिकार मित्रों ने वरिष्ठ नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने, अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने तथा किसी भी समस्या की स्थिति में संबंधित सहायता सेवाओं से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया।हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी, बांटे जागरूकता पर्चेशिविर में वरिष्ठ नागरिकों को विभिन्न महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई। इनमें वरिष्ठ नागरिकों के लिए हेल्पलाइन 14567, निःशुल्क विधिक सहायता के लिए 15100, आपातकालीन सहायता के लिए 112 तथा साइबर अपराध से संबंधित शिकायतों के लिए 1930 शामिल रहे।अधिकार मित्रों ने इन हेल्पलाइन नंबरों के उपयोग की जानकारी देते हुए बताया कि जरूरत पड़ने पर इन सेवाओं के माध्यम से सहायता प्राप्त की जा सकती है। इसके अतिरिक्त, वरिष्ठ नागरिकों को जागरूकता संबंधी पैम्फलेट वितरित कर उन्हें अपने अधिकारों एवं उपलब्ध सुविधाओं के प्रति जागरूक किया गया।इस विधिक जागरूकता शिविर में पीएलवी एवं अधिकार मित्र गोविंद सिंह महर, दीपक चौधरी और सुमन ने सक्रिय भूमिका निभाई।शिविर के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को यह संदेश दिया गया कि उनके सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण के लिए कानूनी प्रावधानों एवं सरकारी सहायता सेवाओं की जानकारी होना बेहद जरूरी है। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम समाज में वरिष्ठजनों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
kamal bhandari editor in chief ।

