रामलीला की दुकानों की नीलामी पारदर्शिता के साथ संपन्न, इस बार 3 की जगह लगेंगी 4 दुकानें.
गुणवत्ता को प्राथमिकता, न्यूनतम दरों पर हुई नीलामी; रामलीला में मदिरा बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंधबाली बेलखेत। रामलीला आयोजन को सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं जनहितकारी बनाने की दिशा में इस वर्ष एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। रामलीला की दुकानों की विधिवत नीलामी कमेटी के वरिष्ठ पदाधिकारियों की उपस्थिति में पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई गई। इस बार नीलामी प्रक्रिया में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिनका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को सेवा का अवसर प्रदान करने के साथ ही दुकानों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है।इस वर्ष रामलीला परिसर में लगने वाली दुकानों की संख्या तीन से बढ़ाकर चार कर दी गई है। कमेटी के इस निर्णय से एक अतिरिक्त व्यक्ति को भी अपनी दुकान के माध्यम से रामलीला आयोजन में सेवा करने का अवसर मिलेगा। यह पहल अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक सराहनीय कदम है।### पैसे से अधिक गुणवत्ता को दी गई प्राथमिकताइस बार की नीलामी में अधिक राजस्व जुटाने के बजाय गुणवत्ता को प्राथमिकता दी गई। इसी उद्देश्य से दुकानों की नीलामी न्यूनतम निर्धारित बोली से शुरू की गई और सभी दुकानदारों ने समझदारी एवं सहयोग का परिचय दिया। परिणामस्वरूप, सभी दुकानें न्यूनतम निर्धारित दरों के आसपास ही आवंटित हो गईं। इस पहल का उद्देश्य रामलीला में आने वाले श्रद्धालुओं एवं दर्शकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और आयोजन की गरिमा बनाए रखना है।### मदिरा बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंधइस वर्ष रामलीला आयोजन में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए मदिरा की बिक्री पर पूर्णतः रोक लगाई गई है। इस कदम का उद्देश्य रामलीला के धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्वरूप को बनाए रखना तथा आयोजन को मर्यादित और पारिवारिक वातावरण में संपन्न कराना है।इन बोलीदाताओं को मिली दुकानों की जिम्मेदारीरामलीला की दुकानों की नीलामी में सर्वाधिक बोली लगाने वाले सफल बोलीदाताओं के नाम एवं बोली की राशि निम्नलिखित है:1. चाय की दुकान: अनिल सिंह बोहरा, बाली बेलखेत, सेलखंडा — ₹2,5002. पान भंडार: प्रकाश सिंह बोहरा, बेलखेत — ₹4,5003. फास्ट फूड कॉर्नर: योगेश सिंह बोहरा, बाली बेलखेत — ₹2,7004. मिष्ठान भंडार: राजू नेगी, बाली बेलखेत — ₹8,600रामलीला कमेटी की इस पहल से आयोजन में स्थानीय लोगों की भागीदारी को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की उम्मीद है। पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया, दुकानों की संख्या में वृद्धि, गुणवत्ता पर जोर और मदिरा बिक्री पर प्रतिबंध जैसे निर्णय इस वर्ष की रामलीला को अधिक व्यवस्थित, मर्यादित एवं जनसहभागिता से परिपूर्ण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
kamal bhandari editor in chief

