15 अक्टूबर को नहीं होगी हड़ताल, 16 को दुग्ध संघ बोर्ड की बैठक के बाद तय होगी आगे की रणनीति

15 अक्टूबर को नहीं होगी हड़ताल, 16 को दुग्ध संघ बोर्ड की बैठक के बाद तय होगी आगे की रणनीति

चंपावत। दुग्ध उत्पादकों और पशुपालकों के लिए राहत भरी खबर है। चंपावत आंचल दुग्ध संघ से जुड़े दुग्ध उत्पादकों एवं पशुपालकों ने 15 अक्टूबर से प्रस्तावित हड़ताल को फिलहाल स्थगित कर दिया है। दुग्ध उत्पादकों की विभिन्न मांगों को लेकर दुग्ध संघ डेरी विभाग की पहल पर आयोजित बैठक में सकारात्मक वार्ता के बाद यह निर्णय लिया गया। अब 16 अक्टूबर को दुग्ध संघ बोर्ड की बैठक में मांगों पर चर्चा के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।चंपावत दुग्ध संघ के डेरी विभाग की ओर से दुग्ध संघ के सभागार में आयोजित बैठक में 250 से अधिक दुग्ध उत्पादक एवं पशुपालक शामिल हुए। बैठक में बड़ी संख्या में महिला पशुपालकों ने भी प्रतिभाग किया। इस दौरान दुग्ध उत्पादकों ने अपनी समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए मांगों के शीघ्र समाधान की अपेक्षा जताई।दुग्ध उत्पादकों ने चेतावनी दी थी कि यदि 15 अक्टूबर तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे दुग्ध समितियों के माध्यम से संघ को दूध की आपूर्ति पूरी तरह बंद कर देंगे। इससे दुग्ध संग्रहण और आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका थी। किसानों की नाराजगी और उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने वार्ता की पहल की, जिसके बाद फिलहाल हड़ताल टालने पर सहमति बनी।दुग्ध उत्पादकों ने उठाईं तीन प्रमुख मांगेंबैठक के दौरान दुग्ध उत्पादकों ने अपनी प्रमुख मांगों को विस्तार से रखा। इनमें दूध के क्रय मूल्य में वृद्धि, पशु आहार एवं साइलेज की कीमतों में कमी और दुग्ध समितियों के सचिवों को मिलने वाले प्रोत्साहन भत्ते में बढ़ोतरी शामिल है।दूध का क्रय मूल्य बढ़ाने की मांग: दुग्ध उत्पादकों ने हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर दूध का क्रय मूल्य निर्धारित किए जाने की मांग उठाई। उनका कहना है कि पशुपालन की बढ़ती लागत को देखते हुए दूध का उचित मूल्य मिलना जरूरी है।पशु आहार और साइलेज सस्ता करने की मांग: पशुपालकों ने पशु आहार एवं साइलेज की कीमतें पूर्व की भांति कम करने और इन पर अनुदान बढ़ाने की मांग की। उनका कहना है कि चारे और पशु आहार की बढ़ती कीमतों से पशुपालन की लागत लगातार बढ़ रही है।सचिवों का प्रोत्साहन भत्ता बढ़ाने की मांग: दुग्ध समितियों के सचिवों को दिए जाने वाले प्रोत्साहन भत्ते को 50 पैसे प्रति लीटर से बढ़ाकर दो रुपये प्रति लीटर करने की मांग भी बैठक में प्रमुखता से उठाई गई।16 अक्टूबर की बैठक पर टिकी निगाहेंदुग्ध उत्पादकों की मांगों पर विचार-विमर्श के बाद निर्णय लिया गया कि 15 अक्टूबर को दूध की आपूर्ति बाधित नहीं की जाएगी। वहीं, 16 अक्टूबर को दुग्ध संघ बोर्ड की बैठक बुलाई गई है, जिसमें इन मांगों पर आधिकारिक निर्णय लिए जाने की उम्मीद है।इसके अलावा दुग्ध संघ के अध्यक्ष के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मुख्यमंत्री से मुलाकात कर दुग्ध उत्पादकों और पशुपालकों की समस्याओं से अवगत कराएगा।बैठक में दुग्ध संघ के सहायक निदेशक सुनील अधिकारी, पूर्व दुग्ध संघ प्रबंधक जीएस राणा, दुग्ध संघ अध्यक्ष प्रतिनिधि केसी जोशी, राजेश बिष्ट, रघुवर मुरारी, दीपक सुतेड़ी, मदन उपाध्याय, खीमानंद उपाध्याय, सुनील जोशी और मोहित मुरारी सहित बड़ी संख्या में दुग्ध उत्पादक एवं संघ के पदाधिकारी मौजूद रहे।अब सभी की निगाहें 16 अक्टूबर को होने वाली बोर्ड बैठक पर टिकी हैं। इस बैठक में दुग्ध उत्पादकों की मांगों पर क्या निर्णय लिया जाता है, इसी के आधार पर आगे की रणनीति तय होगी। फिलहाल हड़ताल स्थगित होने से दूध की आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा टल गया है।

kamal bhandari editor in chief .

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