यह कार्यक्रम 16 से 31 मार्च, 2026 तक संचालित “गंगा स्वच्छता पखवाड़ा” के अंतर्गत राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशों के अनुपालन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिलाधिकारी/अध्यक्ष, जिला गंगा समिति, चंपावत के आदेशानुसार तथा सदस्य संयोजक/प्रभागीय वनाधिकारी, जिला गंगा समिति, चंपावत के निर्देशों के क्रम में उप प्रभागीय वनाधिकारी श्री सुनील कुमार एवं वन क्षेत्राधिकारी श्री ब्रजमोहन टम्टा के कुशल निर्देशन एवं जिला परियोजना अधिकारी, जिला गंगा समिति, चंपावत के समन्वय से संपन्न हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण पर केंद्रित जागरूकता अभियान के साथ हुई। जिसमें से आमजन को यह संदेश दिया गया कि जल स्रोत एवं वन केवल प्राकृतिक धरोहर ही नहीं, बल्कि जीवन का आधार हैं, जिनकी स्वच्छता बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रतिभागियों द्वारा घटोत्कच मंदिर के समीप आरक्षित वन क्षेत्र के प्रत्येक हिस्से में सफाई करते हुए लोगों को प्लास्टिक एवं अन्य अपशिष्ट को निर्धारित कूड़ेदानों में ही डालने तथा “कम उपयोग–पुनः उपयोग–पुनर्चक्रण (Reduce, Reuse, Recycle)” की जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। एवं सघन सफाई अभियान चलाया गया, जिसमें 50 कट्टे लगभग 8 कुंतल ठोस अपशिष्ट एकत्रित किया गया। एकत्रित कचरे को नगर पालिका, चंपावत द्वारा लालूवा पानी रोड में स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड में पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप निस्तारण हेतु भेजा गया। इस पहल ने यह स्पष्ट किया कि सामूहिक प्रयासों से न केवल प्रदूषण को कम किया जा सकता है, बल्कि पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण की दिशा में ठोस कदम भी उठाए जा सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को “गंगा स्वच्छता शपथ” दिलाई गई, जिसमें सभी ने गंगा एवं इसकी सहायक नदियों को स्वच्छ एवं अविरल बनाए रखने, जल स्रोतों में कचरा न डालने तथा पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार नागरिक के रूप में आचरण करने का संकल्प लिया
इस अभियान में लगभग 60 से 70 प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए यह सिद्ध किया कि जनसहभागिता ही पर्यावरण संरक्षण की सबसे बड़ी शक्ति है। यह पहल न केवल गंगा एवं उसकी सहायक नदियों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित करने का भी सशक्त माध्यम है।
- जिला परियोजना अधिकारी, जिला गंगा समिति, चंपावत।

