चम्पावत, 07
*कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को दिया गया कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का प्रशिक्षण*
*कार्यालयी कार्यों से लेकर फील्ड प्रबंधन तक AI के प्रभावी उपयोग की मिली जानकारी*जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के निर्देशों एवं मुख्य विकास अधिकारी श्री जीएस खाती के आदेशों के अनुपालन के क्रम में परियोजना निदेशक श्री अजय सिंह की अध्यक्षता में कृषि एवं उद्यान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में कृषि एवं उद्यान विभाग के फील्ड अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए “कार्यालय एवं क्षेत्रीय कार्यों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के प्रभावी उपयोग” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ते हुए सरकारी कार्यों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभावी उपयोग के प्रति जागरूक करना तथा उनकी कार्यकुशलता एवं दक्षता में वृद्धि करना था।परियोजना निदेशक श्री अजय सिंह ने कहा कि बदलते समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रशासनिक कार्यों को अधिक सरल, त्वरित एवं प्रभावी बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान का व्यवहारिक उपयोग करते हुए विभागीय कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग कर शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है।जिला उद्यान अधिकारी श्री योगेश भट्ट ने प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित आधुनिक डिजिटल टूल्स ChatGPT, Google Gemini एवं NotebookLM का विस्तृत परिचय दिया। उन्होंने इन प्लेटफॉर्मों के माध्यम से कार्यालयी पत्राचार, बैठक कार्यवृत्त, प्रतिवेदन एवं रिपोर्ट तैयार करने, सरकारी आदेशों एवं दिशा-निर्देशों का विश्लेषण करने, बड़े दस्तावेजों का संक्षिप्त सार तैयार करने, विभिन्न भाषाओं में अनुवाद तथा प्रभावी प्रस्तुतीकरण (Presentation) तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। साथ ही फील्ड स्तर पर योजनाओं की मॉनिटरिंग, सूचना संकलन एवं कार्य निष्पादन में AI के उपयोग के विभिन्न उदाहरण भी साझा की ।कार्यशाला में बताया गया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का जिम्मेदारीपूर्ण एवं प्रभावी उपयोग निर्णय प्रक्रिया, अभिलेख प्रबंधन, रिपोर्टिंग तथा जनसेवा से जुड़े कार्यों को अधिक सटीक, पारदर्शी एवं परिणामोन्मुख बना सकता है। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी एवं वर्तमान समय की आवश्यकता के अनुरूप बताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाने की अपेक्षा व्यक्त की।कार्यशाला का समापन प्रतिभागियों द्वारा अपने अनुभव एवं सुझाव साझा करने के साथ हुआ। अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान का उपयोग विभागीय कार्यों में करते हुए जनसेवा को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।कार्यशाला में जनपद के विभिन्न विकासखंडों एवं विभागीय कार्यालयों से कुल 35 अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी (ग्रामीण विकास) श्री दिनेश दिगारी, मुख्य कृषि अधिकारी श्री धनपत कुमार, कृषि एवं मृदा संरक्षण अधिकारी डॉ. नारायण तथा जिला उद्यान अधिकारी श्री योगेश भट्ट सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
Kamal bhandari editor in chief ।

