टनकपुर ब्लॉक के उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में टीबी उन्मूलन अभियान के तहत ग्राम भजनपुर और बनबसा सीटी में विशेष जागरूकता एवं स्क्रीनिंग शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों का उद्देश्य ग्रामीणों में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समय पर जांच सुनिश्चित करना रहा।
शिविर के दौरान स्वास्थ्य टीम ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए भजनपुर में 60 मरीजों की ओपीडी की, जिनमें से 55 लोगों के एक्स-रे कराए गए। वहीं बनबसा सीटी में 65 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिसमें 52 व्यक्तियों के एक्स-रे किए गए।
इस दौरान ग्रामीणों को टीबी के लक्षण—जैसे लगातार खांसी, बुखार और वजन कम होना—के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि टीबी पूरी तरह से ठीक होने वाली बीमारी है, बशर्ते समय पर जांच और नियमित उपचार लिया जाए।
स्वास्थ्य कर्मियों ने लोगों को टीबी जांच के लिए प्रेरित किया और संदिग्ध मरीजों को आगे की जांच हेतु चिन्हित किया। शिविर में CHO गरिमा परगाई, STS पंकज राठौर, TBHV योगेश कुमार, आशा कार्यकर्ता दीपिका जोशी व लक्ष्मी तथा ANM रश्मि गोस्वामी सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मियों का सहयोग रहा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने इस पहल को टीबी मुक्त भारत अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में इस तरह के शिविरों का लगातार आयोजन किया जा रहा है, ताकि मरीजों की समय पर पहचान कर उनका उपचार सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने लोगों से अपील की कि टीबी के लक्षण नजर आने पर तुरंत जांच कराएं और इलाज को बीच में न छोड़ें।



