दियूरी क्षेत्र में अवैध खनन एवं भंडारण की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने हेतु खनन विभाग एवं पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त रूप से व्यापक निरीक्षण अभियान संचालित किया गया।
यह अभियान संवेदनशील क्षेत्रों में सतत निगरानी एवं सख्त प्रवर्तन की रणनीति के तहत चलाया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान टीम को मौके पर अज्ञात व्यक्तियों द्वारा लगभग 8-10 स्थानों पर उपखनिज (रेता आदि) के ढेर भंडारित पाए गए।
हालांकि निरीक्षण के समय कोई भी व्यक्ति अवैध खनन या भंडारण करते हुए मौके पर उपस्थित नहीं मिला।
प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट हुआ कि उक्त उपखनिज का भंडारण बिना वैध अनुमति के किया गया था, जो खनन नियमों का उल्लंघन है।
उक्त स्थिति को गंभीरता से लेते हुए खनन विभाग द्वारा तत्काल कार्रवाई की गई। विभागीय टीम ने जेसीबी मशीन की सहायता से भंडारित उपखनिज को मौके पर ही नष्ट कर दिया, जिससे अवैध रूप से संचित सामग्री का किसी भी प्रकार से उपयोग या परिवहन न किया जा सके। इसके अतिरिक्त, अवैध खनन एवं परिवहन के लिए उपयोग में लाए जा रहे कच्चे मार्ग को भी ध्वस्त कर दिया गया, ताकि भविष्य में इस प्रकार की गतिविधियों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
अभियान के दौरान अधिकारियों ने संबंधित क्षेत्र का गहन निरीक्षण करते हुए संभावित अन्य संवेदनशील स्थलों की भी पहचान की और स्थानीय स्तर पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए।
साथ ही, आसपास के ग्रामीणों को भी जागरूक करते हुए अवैध खनन से होने वाले पर्यावरणीय दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई।
खनन अधिकारी श्री राहुल रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई गई है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के संयुक्त अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेंगे और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

