जिले के मैदानी और कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बढ़ते तापमान को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने कहा कि बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता वयस्कों की तुलना में कम होती है, इसलिए गर्मी के इस मौसम में अभिभावकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा बच्चों पर गर्मी का असर बहुत तेजी से पड़ता है, इसलिए छोटी सी चूक भी गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है।
उनका शरीर तापमान को नियंत्रित करने में कमजोर होता है, जिससे वे जल्दी हीट वेव की चपेट में आ जाते हैं।
बच्चों का शरीर वयस्कों की तुलना में तेजी से गर्म होता है, जिससे हीट स्ट्रेस का खतरा बढ़ जाता है।
थकान, चक्कर या कमजोरी जैसे लक्षण बच्चों में अचानक और अधिक प्रभाव के साथ दिख सकते हैं।
बच्चों की स्थिति पल-पल बदल सकती है, इसलिए उनकी देखभाल में जरा भी ढिलाई खतरनाक हो सकती है।
चंपावत में बढ़ती गर्मी के दृष्टिगत बच्चों को हीट वेव (लू) से बचाने हेतु स्वास्थ्य परामर्श।

