लोहाघाट (चंपावत)। स्वामी विवेकानंद राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय लोहाघाट के ‘लिंग संवेदीकरण प्रकोष्ठ’ (Gender Sensitization Cell) की ओर से एकदिवसीय कार्यशाला एवं ‘नारी शक्ति सम्मान समारोह’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं के योगदान को सराहा गया और छात्र-छात्राओं को संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।पाँच विभूतियों को मिला ‘नारी शक्ति सम्मान’महाविद्यालय परिवार द्वारा समाजोपयोगी और प्रेरणादायक कार्य करने पर श्रीमती किरण पंत, श्रीमती मीना भट्ट, श्रीमती कुसुम लता ओली, श्रीमती नेहा गडकोटी और सुश्री प्रतिभा को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथियों ने उन्हें अंग वस्त्र, प्रमाण पत्र और स्मृति चिह्न प्रदान कर उनके संघर्ष और सेवा भाव की सराहना की।पॉक्सो एक्ट की समीक्षा पर जोरकार्यक्रम की मुख्य अतिथि अभियोजन अधिकारी श्रीमती तनुजा वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान में कानून का उल्लंघन करने वालों को सजा दी जा रही है, लेकिन समाज में लड़कों और लड़कियों के बीच भेदभाव पूरी तरह समाप्त होना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से पॉक्सो (POCSO) एक्ट पर चिंता व्यक्त करते हुए इसकी समीक्षा करने की वकालत की, ताकि कानून का संतुलित उपयोग सुनिश्चित हो सके।शिक्षा और कानूनी सजगताविशिष्ट अतिथि एडवोकेट नवीन मुरारी ने लैंगिक समानता पर ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य रखते हुए कहा कि एक समय था जब 88% महिलाएं अशिक्षित थीं, परंतु आज शिक्षा के प्रसार ने स्थिति बदल दी है। उन्होंने विद्यार्थियों को संविधान की विभिन्न धाराओं की जानकारी देते हुए अधिकारों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया।सजगता ही अधिकारों की रक्षा: प्राचार्यकार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही प्राचार्य प्रो. संगीता गुप्ता ने कहा कि लिंग संवेदीकरण सेल समय-समय पर ज्ञानवर्धक जानकारियां प्रदान कर रहा है। उन्होंने जोर दिया कि जब तक प्रत्येक नागरिक सजग नहीं होगा, तब तक वह अपने अधिकारों की रक्षा नहीं कर पाएगा।फोटोग्राफी प्रतियोगिता के परिणामकार्यशाला के दौरान आयोजित फोटोग्राफी प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसमें:प्रथम स्थान: शालिनी गोरखाद्वितीय स्थान: संजनातृतीय स्थान: सुनैना विश्वकर्माआयोजन टीम:कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. सोनाली कार्तिक एवं डॉ. अर्चना त्रिपाठी ने किया। संयोजक प्रोफेसर अपराजिता ने अतिथियों का स्वागत किया और अंत में डॉ. सरस्वती भट्ट द्वारा सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया गया। इस अवसर पर डॉ. बी.पी. ओली, डॉ. कमलेश शक्टा, डॉ. स्वाति बिष्ट, डॉ. स्वाति कांडपाल, डॉ. सरोज यादव, डॉ. अनीता टम्टा, डॉ. वंदना चंद और डॉ. दीपक जोशी सहित भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


