-टनकपुर से रुड़की तक मानवीय पहल, समन्वय और संवेदनशीलता से बदली एक जिंदगी
चंपावत। रोडवेज बस स्टेशन टनकपुर पर 13 मार्च को एक मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक भटकता हुआ मिला। अपनी पहचान तक न बता पाने वाले इस युवक की जिंदगी महज 15 दिनों में बदल गई जब प्रशासन और संस्थाओं ने मिलकर उसे सुरक्षित आश्रय दिलाया। सूचना पर पहुंची चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने युवक से जानकारी जुटाने का प्रयास किया लेकिन मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण वह कुछ भी बताने में असमर्थ रहा। युवक को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया जहां से उसे जिला चिकित्सालय चंपावत में भर्ती कराने के निर्देश दिए गए। अस्पताल में जांच के बाद युवक की आयु करीब 21 वर्ष आंकी गई। इस दौरान समिति और सीएमओ डॉ. देवेश चौहान के सहयोग से उसकी लगातार देखभाल की गई। युवक के पुनर्वास के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन और बाल कल्याण समिति ने अपना घर आश्रम रूड़की से संपर्क किया। 27 मार्च को आश्रम की ओर से उसे रखने की स्वीकृति मिल गई। 28 मार्च को जिला प्रशासन, बाल कल्याण समिति और बाल संरक्षण इकाई के सहयोग से चाइल्ड हेल्पलाइन टीम के केस वर्कर हिमांशु और आशीष युवक को सुरक्षित रूप से रुड़की स्थित आश्रम पहुंचाया गया।


