चम्पावत,
*अनुपयोगी सरकारी परिसम्पत्तियों का होगा जनहित में उपयोग, जिलाधिकारी ने दिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश*
*स्वयं सहायता समूहों के वितरण केन्द्र, मशरूम सेंटर, आंगनबाड़ी और लाइब्रेरी के रूप में उपयोग की संभावनाओं पर हुई विस्तृत चर्चा*जनपद में अनुपयोगी पड़ी सरकारी परिसम्पत्तियों के बेहतर एवं जनोपयोगी उपयोग को लेकर बुधवार को जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला सभागार में संबंधित विभागों की बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न विभागों के अंतर्गत वर्तमान में उपयोग में नहीं आ रहे सरकारी भवनों एवं अन्य परिसम्पत्तियों की स्थिति तथा उनके वैकल्पिक उपयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद में ऐसी सभी सरकारी परिसम्पत्तियों का विस्तृत लेखा-जोखा तैयार किया जाए, जो वर्तमान में किन्हीं कारणों से उपयोग में नहीं आ रही हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय आवश्यकता, परिसम्पत्ति की स्थिति एवं क्षेत्र की उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए इनके वैकल्पिक उपयोग के लिए ठोस प्रस्ताव तैयार किए जाएं, ताकि उपलब्ध सरकारी संसाधनों का अधिकतम लाभ स्थानीय लोगों को मिल सके।बैठक में अनुपयोगी सरकारी भवनों को स्वयं सहायता समूहों के लिए वितरण केन्द्र, मशरूम उत्पादन केन्द्र, आंगनबाड़ी केन्द्र, लाइब्रेरी सहित अन्य जनोपयोगी गतिविधियों के लिए उपयोग में लाने की संभावनाओं पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं खंड विकास अधिकारियों को आपसी समन्वय से व्यावहारिक प्रस्ताव तैयार कर उनके प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी परिसम्पत्तियों को अनुपयोगी छोड़ने के बजाय स्थानीय मांग और आवश्यकता के अनुरूप उनका सदुपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विभागवार परिसम्पत्तियों की वास्तविक स्थिति का आकलन करते हुए प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।बैठक में डीएफओ धिनो पुरुषोत्तमन, प्रभारी सीडीओ अजय सिंह, एडीएम के.एन. गोस्वामी, एपीडी विम्मी जोशी, कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी नारायण सिंह, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल, प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी भारत जोशी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि समस्त खंड विकास अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े रहे।
kamal bhandari editor in chief ।

