चम्पावत,
*किसानों की सिंचाई सुविधाओं को मिलेगा विस्तार, चम्पावत में इस वर्ष बनेंगे 78 सिंचाई टैंक*
*जिला योजना के अंतर्गत टैंक निर्माण पर मिल रही 50 प्रतिशत की सब्सिडी**जल संग्रहण से बागवानी को मिलेगा प्रोत्साहन, वर्षा पर निर्भरता कम करने में मिलेगी मदद*मा. मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के किसानों के कल्याण तथा कृषि एवं बागवानी को प्रोत्साहित करने के संकल्प के अनुरूप जनपद चम्पावत में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के निर्देशों के क्रम में उद्यान विभाग द्वारा जिला योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में जनपद में कुल 78 सिंचाई टैंकों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन टैंकों से पर्वतीय क्षेत्रों के किसानों को फल उद्यानों एवं अन्य बागवानी गतिविधियों के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ाने में सहायता मिलेगी।योजना के अंतर्गत एक सिंचाई टैंक की निर्धारित निर्माण लागत ₹54,000 है। इसमें किसानों को 50 प्रतिशत अर्थात ₹27,000 की सब्सिडी विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि शेष ₹27,000 लाभार्थी अंशदान के रूप में वहन किए जाते हैं। इस सहायता से किसानों को अपने उद्यानों के लिए सिंचाई की आवश्यक सुविधा विकसित करने में सहयोग मिल रहा है।उद्यान सचल दल केंद्र, देवीधुरा के माध्यम से भी किसानों को योजना का लाभ दिया जा रहा है। लाभान्वित किसानों में ग्राम ढरौज के श्री छत्तर सिंह, श्री गिरीश सिंह बिष्ट, श्री खुशाल सिंह एवं श्री प्रताप सिंह तथा ग्राम गूम के श्री भगी राम शामिल हैं। किसान इन टैंकों में संचित पानी का उपयोग अपने फल उद्यानों एवं अन्य बागवानी फसलों की सिंचाई में कर सकेंगे।सिंचाई टैंकों के निर्माण से वर्षा जल संग्रहण और उपलब्ध जल संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। विशेष रूप से कम वर्षा एवं शुष्क अवधि में संचित पानी पौधों की सिंचाई में उपयोगी होगा। इससे फसलों की देखभाल, फलदार पौधों के विकास तथा उत्पादन की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलेगी।जिला उद्यान अधिकारी, योगेश भट्ट ने बताया कि जनपद में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप सिंचाई टैंकों का निर्माण कर किसानों तक योजना का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इन सुविधाओं के विस्तार से सिंचित क्षेत्रफल बढ़ाने और वर्षा पर किसानों की निर्भरता कम करने में सहायता मिलेगी। विभाग का उद्देश्य किसानों को आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराकर बागवानी उत्पादन एवं उनकी आय बढ़ाने में सहयोग देना है।
kamal bhandari editor in chief.

