चम्पावत,
*मा. मुख्यमंत्री के नेतृत्व में किसानों की खुशहाली की ओर बढ़ते कदम, पॉलीहाउस खेती से संवर रही काश्तकारों की तकदीर*
*उद्यान विभाग की 80 प्रतिशत अनुदान योजना बनी किसानों के लिए वरदान, लोहाघाट में आधुनिक खेती से बढ़ रही किसानों की आय**पॉलीहाउस में सब्जी उत्पादन से किसान कमा रहे सालाना 3 से 6 लाख रूपये तक, युवाओं के लिए भी खुल रहे स्वरोजगार के नए अवसर*मा. मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के किसानों की आय बढ़ाने, कृषि एवं उद्यानिकी को लाभकारी व्यवसाय बनाने तथा पर्वतीय क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर विकसित करने संबंधी दिशा-निर्देशों के क्रम में जनपद चम्पावत में उद्यान विभाग की योजनाएं काश्तकारों के लिए लाभकारी साबित हो रही हैं। जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के मार्गदर्शन में उद्यान विभाग द्वारा किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी क्रम में विकासखंड लोहाघाट के अनेक प्रगतिशील किसान पॉलीहाउस तकनीक अपनाकर शिमला मिर्च, टमाटर, खीरा, बंदगोभी एवं फूलगोभी जैसी सब्जियों का बेहतर उत्पादन कर अपनी आय बढ़ा रहे हैं।उद्यान विभाग द्वारा पॉलीहाउस स्थापना के लिए 80 प्रतिशत अनुदान तथा 20 प्रतिशत कृषक अंशदान की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इस योजना से पर्वतीय क्षेत्रों के किसानों को कम भूमि में बेहतर उत्पादन प्राप्त करने के साथ ही खेती को स्वरोजगार का सशक्त माध्यम बनाने में सहायता मिल रही है।विकासखंड लोहाघाट के ग्राम फोर्ती निवासी श्री धर्मानंद मुरारी 300 वर्ग मीटर के पॉलीहाउस में शिमला मिर्च एवं टमाटर का उत्पादन कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने नर्सरी तैयार करने के लिए एक छोटा पॉलीहाउस भी स्थापित किया है। इस सीजन में उन्होंने लगभग 28 से 30 क्विंटल शिमला मिर्च का उत्पादन किया है।इसी प्रकार ग्राम डुंगरी फर्त्याल निवासी श्री रघुवर मुरारी पॉलीहाउस में शिमला मिर्च, बंदगोभी, टमाटर एवं खीरे की खेती कर रहे हैं। उन्होंने लगभग 30 क्विंटल शिमला मिर्च, 15 क्विंटल खीरा, 12 क्विंटल टमाटर तथा 18 क्विंटल बंदगोभी का उत्पादन किया है। सब्जी उत्पादन से उनकी वार्षिक आय लगभग 4 से 6 लाख रूपये तक पहुंच रही है।ग्राम बूंगा फर्त्याल निवासी श्री राकेश उपाध्याय ने कोविड काल में शहर से गांव लौटने के बाद अपनी पत्नी के साथ मिलकर उद्यानिकी को स्वरोजगार का माध्यम बनाया। उन्होंने 200 वर्ग मीटर के पॉलीहाउस के साथ नर्सरी उत्पादन के लिए एक छोटा पॉलीहाउस भी स्थापित किया। वर्तमान में वे शिमला मिर्च, टमाटर, बंदगोभी एवं फूलगोभी का उत्पादन कर रहे हैं। उन्होंने लगभग 16 क्विंटल शिमला मिर्च एवं 8 क्विंटल टमाटर सहित अन्य सब्जियों का उत्पादन किया है। उद्यानिकी से उनकी वार्षिक आय लगभग 3 से 4 लाख रूपये है।वहीं, ग्राम गंगनौला निवासी श्री कृपाल दत्त भी पॉलीहाउस के माध्यम से खीरा, बंदगोभी, फूलगोभी एवं शिमला मिर्च का उत्पादन कर रहे हैं। इस सीजन में उन्होंने लगभग 10 से 11 क्विंटल बंदगोभी का उत्पादन किया है।पॉलीहाउस खेती युवाओं के लिए भी स्वरोजगार का बेहतर विकल्प बनकर उभर रही है। विकासखंड लोहाघाट के किमतोली उद्यान सचल दल केंद्र क्षेत्र के 24 वर्षीय श्री ललित सिंह रावत इसका प्रेरणादायक उदाहरण हैं। वे पॉलीहाउस में शिमला मिर्च का उत्पादन कर रहे हैं। उनके द्वारा लगभग 30 से 35 क्विंटल शिमला मिर्च का उत्पादन किया जाता है, जिससे उद्यानिकी के माध्यम से उनकी वार्षिक आय लगभग 5 से 6 लाख रूपये तक पहुंच रही है।जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने कहा कि मा. मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप जनपद में किसानों की आय बढ़ाने तथा कृषि एवं उद्यानिकी आधारित स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पॉलीहाउस जैसी आधुनिक तकनीक पर्वतीय क्षेत्रों के किसानों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है। इससे सीमित भूमि में बेहतर उत्पादन प्राप्त करने के साथ ही किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। उन्होंने उद्यान विभाग को अधिक से अधिक पात्र किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने तथा युवाओं को आधुनिक खेती एवं स्वरोजगार से जोड़ने के निर्देश दिए हैं।जिला उद्यान अधिकारी योगेश भट्ट ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में नए पॉलीहाउस स्थापित करने का कार्य गतिमान है। वर्षाकाल के उपरांत इस वर्ष अब तक 15 नए पॉलीहाउस स्थापित किए जा चुके हैं।उन्होंने बताया कि पॉलीहाउस में वैज्ञानिक तकनीक, उचित फसल चयन, संतुलित पोषण प्रबंधन, सिंचाई तथा समय पर कीट एवं रोग नियंत्रण अपनाकर बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत 80 प्रतिशत अनुदान मिलने से किसानों के लिए संरक्षित खेती अपनाना आसान हुआ है। विभाग द्वारा किसानों को आधुनिक उद्यानिकी तकनीकों के प्रति जागरूक एवं प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने इच्छुक किसानों से विभागीय योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।जनपद के प्रगतिशील किसानों की सफलता यह दर्शाती है कि पॉलीहाउस खेती पर्वतीय क्षेत्रों में किसानों की आर्थिक समृद्धि, स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने तथा युवाओं को खेती से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रही है। राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं आधुनिक कृषि तकनीकों के माध्यम से चम्पावत के किसान आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
kamal bhandari editor in chief .

