चंपावत ,
*मा. मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर आपदा प्रभावित किसानों को राहत,
281 कृषकों के खातों में ₹9.10 लाख से अधिक की धनराशि डीबीटी से हस्तांतरित**फसल क्षति से प्रभावित किसानों को राहत: पूर्णागिरी तहसील में 281 कृषकों को ₹9.10 लाख से अधिक की सहायता राशि वितरित**प्राकृतिक आपदा से प्रभावित कृषकों को आर्थिक संबल, 50.402 हेक्टेयर खाद्यान्न फसल क्षति के लिए वितरित हुई राहत राशि*माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुपालन में प्रदेश सरकार प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित कृषकों को समयबद्ध राहत उपलब्ध कराने, उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने तथा आजीविका की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। साथ ही जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के आदेश के क्रम में जनपद चम्पावत की तहसील पूर्णागिरी (टनकपुर) क्षेत्र में वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत अब तक फसल क्षति से प्रभावित कृषकों को ₹9,10,913 की राहत राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है।इस संबंध में उप जिलाधिकारी टनकपुर श्री प्रमोद कुमार ने बताया कि तहसील क्षेत्र में प्राकृतिक आपदा के कारण खाद्यान्न फसलों को हुई क्षति के दृष्टिगत कुल 50.402 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फसल नुकसान के लिए 281 प्रभावित कृषकों को नियमानुसार राहत राशि वितरित की गई है। सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी गई है, जिससे प्रभावित किसानों को समय पर आर्थिक संबल मिल सके तथा फसल नुकसान के कारण उत्पन्न आर्थिक कठिनाइयों को कम करने में सहायता प्राप्त हो सके।उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के कारण किसानों को होने वाले नुकसान की स्थिति में पात्र प्रभावित कृषकों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। किसानों को समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराना तथा उन्हें कृषि कार्यों को पुनः सुचारु रूप से संचालित करने में सहयोग प्रदान करना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।मा. मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार कृषकों के हितों के संरक्षण, कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य है कि प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को नियमानुसार समय पर सहायता उपलब्ध हो, उनकी आजीविका सुरक्षित रहे तथा वे चुनौतियों से उबरकर पुनः कृषि गतिविधियों को सुचारु रूप से आगे बढ़ा सकें।
kamal bhandari editor in chief.

