रामलीला के चतुर्थ दिवस कैकई-मंथरा संवाद ने जमाया रंग, सजीव अभिनय ने दर्शकों को किया भावविभोर

रामलीला के चतुर्थ दिवस कैकई-मंथरा संवाद ने जमाया रंग, सजीव अभिनय ने दर्शकों को किया भावविभोर

चंपावत। श्री आदर्श राम सेवा समिति, मल्लीहाट चंपावत द्वारा आयोजित रामलीला मंचन के चतुर्थ दिवस कैकई-मंथरा संवाद और दशरथ-कैकई संवाद ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलाकारों के शानदार अभिनय, प्रभावशाली संवाद अदायगी और भावपूर्ण प्रस्तुति ने रामलीला मंचन को यादगार बना दिया। इस दौरान दर्शकों ने कलाकारों के अभिनय की सराहना की और मंचन का भरपूर आनंद लिया।रामलीला के चतुर्थ दिवस मंथरा की भूमिका में श्री जगदीश खर्कवाल, राजा दशरथ की भूमिका में श्री जगदीश पचोली तथा कैकई की भूमिका में श्री दिनेश त्रिपाठी ने अपने सशक्त अभिनय से दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी। तीनों कलाकारों ने अपने पात्रों के भावों को जीवंत करते हुए संवादों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। कैकई-मंथरा संवाद में मंथरा की कूटनीति और कैकई के मन में उत्पन्न हुए विचारों को कलाकारों ने बखूबी मंच पर उतारा। वहीं, दशरथ-कैकई संवाद के दौरान राजा दशरथ की विवशता और पीड़ा का मार्मिक चित्रण देख दर्शक भावविभोर हो उठे।अतिथियों की उपस्थिति ने बढ़ाई कार्यक्रम की गरिमारामलीला मंचन के चतुर्थ दिवस के मुख्य अतिथि लडवाल फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह लडवाल जी रहे। वहीं, विशिष्ट अतिथि के रूप में गोलू देव कमेटी के संरक्षक श्री देवीलाल लाल वर्मा जी तथा बालेश्वर महादेव मंदिर के महंत श्री पवन गिरि जी उपस्थित रहे। अतिथियों की उपस्थिति से कार्यक्रम की गरिमा बढ़ी।समिति की ओर से सभी अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया गया। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष श्री भगवत शरण राय जी, संरक्षक श्री अशोक वर्मा जी, सभासद श्री रोहित बिष्ट जी और मीडिया प्रभारी श्री दीपक पनेरू जी सहित समिति के सदस्य श्री भुवन पचौली जी, श्री श्याम सिंह कार्की, श्री सुधीर साह जी, श्री विजय चौधरी जी तथा श्री हीरा बल्लभ पलसाईं जी मौजूद रहे।धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का प्रयासश्री आदर्श राम सेवा समिति, मल्लीहाट चंपावत द्वारा आयोजित रामलीला क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने के साथ-साथ भगवान श्रीराम के आदर्शों और मर्यादा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनी हुई है। रामलीला के प्रत्येक प्रसंग के माध्यम से दर्शकों को भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और धर्म के प्रति समर्पण की प्रेरणा मिल रही है।चतुर्थ दिवस का मंचन कलाकारों के उत्कृष्ट अभिनय और दर्शकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता के चलते विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। रामलीला के आगामी प्रसंगों को लेकर भी क्षेत्रवासियों में उत्साह बना हुआ है।

Kamal bhandari editor in chief.

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