चंपावत।नगर क्षेत्र में बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। गोरल चौड़ मैदान में शनिवार सुबह वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता के दौरान एक युवा छात्र की भाला लगने से असमय मृत्यु हो गई। यह हादसा उस वक्त हुआ जब जीवन के सबसे खूबसूरत पलों को जीता एक 20 वर्षीय नौजवान अपने सपनों की ओर कदम बढ़ा रहा था। कौन था वो होनहार छात्र? मृतक छात्र का नाम सोमेंद्र सिंह बोहरा (20) था, जो रीठा साहिब के मिछयाड गांव का रहने वाला था। वह चंपावत में अपनी बुआ के घर रहकर राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में सेकंड ईयर की पढ़ाई कर रहा था। उसके पिता भूपाल सिंह बोहरा गुजरात में नौकरी करते हैं और खबर मिलते ही वे तुरंत रवाना हो गए हैं। कैसे हुआ हादसा? सुबह करीब 8 बजे मैदान में कुछ छात्र फुटबॉल का अभ्यास कर रहे थे, वहीं कुछ युवक जैवलिन थ्रो की प्रैक्टिस कर रहे थे। इसी दौरान एक छात्र द्वारा फेंका गया भाला सोमेंद्र के कंधे के बगल से होते हुए गर्दन के अंदर तक धंस गया। उसे तत्काल जिला अस्पताल चंपावत ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार संभवतः ऑक्सीजन सप्लाई रुक जाने और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी जान नहीं बच सकी। लापरवाही का दर्दनाक नतीजा इस पूरे मामले में सबसे चिंताजनक बात यह है कि राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में कोई स्पोर्ट्स टीचर ही नहीं है और बिना किसी शिक्षक की देखरेख के यह प्रतियोगिता आयोजित हो रही थी। यह हादसा प्रतियोगिता के पहले ही दिन हो गया। कॉलेज के प्रधानाचार्य विनय शर्मा को बार-बार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। पुलिस की कार्यवाही जारी है। पीएमएस एचएस हांकी ने बताया कि भाला छात्र के गर्दन और कंधे के बगल में लगा था जो अंदर तक धंस गया था। संभावित है ऑक्सीजन सप्लाई रुक गई होगी और अत्यधिक रक्त स्राव हो गया। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है । एक होनहार बेटे की इस असमय मृत्यु ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है। सोमेंद्र के परिवार के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं।


