चम्पावत: जनपद में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP) के तहत तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता अभियान तेजी से चल रहा है। इसी कड़ी में, राजकीय इंटर कॉलेज कामाजुला में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें NTCP काउंसलर हरीश पांडे ने छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को तंबाकू के सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों और इसके सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
काउंसलर हरीश पांडे ने विद्यार्थियों को ‘कोटपा अधिनियम 2003’ (COTPA 2003) के महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री कानूनी रूप से प्रतिबंधित है। उन्होंने युवाओं को नशे की लत से दूर रहने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि तंबाकू का सेवन न केवल स्वास्थ्य के लिए घातक है, बल्कि यह भविष्य की प्रगति में भी बड़ी बाधा है।
विद्यालय परिसर के बाहर निकलकर, टीम ने स्थानीय गांवों का भी दौरा किया। काउंसलर ने ग्रामीणों के साथ संवाद कर तंबाकू छोड़ने के लाभ बताए और उन्हें नशामुक्त जीवन जीने के लिए परामर्श दिया। काउंसलिंग के दौरान उन लोगों को चिन्हित कर मदद का भरोसा दिलाया गया जो तंबाकू की लत छोड़ने के लिए उत्सुक हैं। स्थानीय निवासियों ने स्वास्थ्य विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से विशेषकर युवाओं में नशे के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए तंबाकू का त्याग करना अनिवार्य है।

