मनीष कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को चम्पावत में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में प्रशासन ने आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए त्वरित समाधान की दिशा में अहम कदम उठाए। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की कुल 59 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से अधिकांश पर मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
कार्यक्रम की शुरुआत में ही जिलाधिकारी ने विभागीय लापरवाही पर नाराजगी जताई और अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विशेष रूप से पेयजल संकट के मुद्दे पर पासम निवासी कैलाश चंद्र और ग्राम प्रधान राधिका देवी द्वारा उठाई गई शिकायत पर जिलाधिकारी ने जल संस्थान को तुरंत टैंक मरम्मत और जलापूर्ति सुधार के निर्देश दिए। साथ ही त्यारसों गांव में जल जीवन मिशन के तहत नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया।
शिक्षा और आपदा से जुड़े मामलों में भी त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। राजकीय उच्चतर प्राथमिक विद्यालय आमनी में भूस्खलन की समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी को आवश्यक कदम उठाने को कहा गया।
कार्यक्रम की सबसे उल्लेखनीय घटना तब सामने आई, जब ग्राम मोस्टा बकोड़ा के जन्म से दृष्टिबाधित दिव्यांग केदार राम की समस्या पर जिलाधिकारी ने तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने मौके पर ही जिला अस्पताल में दिव्यांग प्रमाण पत्र और आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू करवाई, जिसकी स्थानीय लोगों ने सराहना की।
इसके अलावा खतौनी में नाम संशोधन, पेंशन और मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना से संबंधित मामलों में भी अधिकारियों को तय समयसीमा में कार्यवाही के निर्देश दिए गए। खटोली क्षेत्र में सिंचाई सुविधा के लिए चेक डैम निर्माण प्रस्ताव पर भी संबंधित विभाग को आवश्यक कदम उठाने को कहा गया।
वहीं, साइबर ठगी के एक मामले में ₹54,000 की धोखाधड़ी की शिकायत पर जिलाधिकारी ने पुलिस को सख्त जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
कुल मिलाकर, चम्पावत में आयोजित इस जनता मिलन कार्यक्रम के माध्यम से प्रशासन ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि आम जनता की समस्याओं का समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता है।

