दुर्घटनाओं पर अंकुश के लिए , जिलाधिकारी ने सम्बंधित अधिकारियों दिए आवश्यक दिशा निर्देश
जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने तथा यात्रियों को सुरक्षित एवं बेहतर यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि वर्षाकाल से पूर्व सड़क किनारे नालियों का निर्माण, मलबा हटाने, झाड़ियों की कटाई, कलवर्टों की मरम्मत तथा गड्ढा भरान के कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण किए जाएं। उन्होंने पुलों की तकनीकी जांच कराए जाने तथा क्षतिग्रस्त रेलिंगों को शीघ्र दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए। साथ ही सड़क किनारे आवश्यकतानुसार सोलर स्ट्रीट लाइट स्थापित करने को कहा।
जिलाधिकारी ने सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत मार्गों पर आवश्यक साइन बोर्ड एवं स्पीड लिमिट संकेतक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने एसडीओ को सड़क किनारे गिरने की संभावना वाले पेड़ों का चिन्हीकरण कर वन निगम के समन्वय से उनका सुरक्षित पातन सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही एआरटीओ को यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध नियमित एवं प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने सभी सड़क निर्माण एवं अनुरक्षण एजेंसियों को ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों की सड़कों को गड्ढामुक्त एवं सुचारु बनाए रखने के निर्देश देते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए मार्गों का सुरक्षित एवं बेहतर रखरखाव सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने स्वाला क्षेत्र में कराये जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए एनएच के अधिकारियों को कार्य शीघ्र पूर्ण करने तथा राष्ट्रीय राजमार्ग पर चिन्हित अन्य संभावित डेंजर जोन को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित करने के निर्देश दिए। उन्होंने एनएच के क्षतिग्रस्त कलवर्टों की शीघ्र मरम्मत तथा वर्षा ऋतु से पूर्व आपदा संभावित क्षेत्रों में जेसीबी एवं पोक्लेन मशीनों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा।
जिलाधिकारी ने सड़कों के किनारे वृक्षारोपण हेतु आवश्यक कार्यवाही करने तथा ग्रामीण सड़कों की मरम्मत एवं अनुरक्षण कार्यों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।बैठक में जिलाधिकारी ने सड़क निर्माण कार्यों से प्रभावित प्राकृतिक जलधाराओं, धारों एवं नालों को उनके मूल स्वरूप में पुनर्स्थापित करने के निर्देश दिए।
पीएमजीएसवाई सड़कों के संबंध में उन्होंने कहा कि जिन सड़कों की अनुरक्षण अवधि समाप्त हो चुकी है, उनका चिन्हीकरण कर आवश्यक प्रस्ताव शासन को प्रेषित किया जाए। इसके अतिरिक्त उन्होंने सभी अधिशासी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे वर्षाकाल के दौरान जलभराव एवं अन्य समस्याओं से बचा जा सके।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल, एआरटीओ (प्रवर्तन) मनोज बागोरिया, एसडीओ वन सुनील कुमार, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग चंपावत एमसी पलाड़िया, लोहाघाट हितेश कांडपाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

