सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए आगे आएं, राह-वीरों को मिलेगा सम्मान और पुरस्कार

सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने तथा आमजन को दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा लागू गुड समेरिटन (राह-वीर) नियमावली, 2020 एवं राह-वीर योजना के संबंध में जनपदवासियों को जागरूक किया जा रहा है।

जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के दिशा-निर्देशों के क्रम में एआरटीओ टनकपुर चम्पावत ने जानकारी देते हुए बताया गया कि राह-वीर (गुड समेरिटन) वह व्यक्ति होता है, जो सद्भावनापूर्वक, स्वेच्छा से तथा बिना किसी पुरस्कार या प्रतिफल की अपेक्षा के सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की सहायता करता है अथवा उसे अस्पताल पहुंचाकर उपचार उपलब्ध कराता है।

गुड समेरिटन नियमावली, 2020 के अंतर्गत ऐसे व्यक्तियों को विशेष कानूनी संरक्षण प्रदान किया गया है। दुर्घटना पीड़ित की सहायता करने वाले व्यक्ति को पुलिस या न्यायिक प्रक्रियाओं में अनावश्यक रूप से नहीं उलझाया जाएगा। उनकी व्यक्तिगत जानकारी गोपनीय रखी जाएगी तथा उन्हें सम्मानजनक व्यवहार का अधिकार प्राप्त होगा। सहायता करने के पश्चात उन्हें अस्पताल या अन्य स्थान पर रुकने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा संचालित राह-वीर योजना के अंतर्गत मोटर वाहन दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचाने वाले राह-वीर को प्रति घटना 25,000 रुपये का नकद पुरस्कार एवं प्रशंसा प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाता है। इसके अतिरिक्त वर्ष भर में चयनित सर्वश्रेष्ठ राह-वीरों को राष्ट्रीय स्तर पर एक लाख रुपये तक के विशेष पुरस्कार से भी सम्मानित किया जाता है।

एआरटीओ टनकपुर चम्पावत मनोज बगोरिया ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना के दौरान घायल व्यक्ति की सहायता करने में किसी प्रकार का संकोच न करें। सरकार द्वारा गुड समेरिटन को पूर्ण कानूनी संरक्षण प्रदान किया गया है। दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा अर्थात “गोल्डन ऑवर” जीवन बचाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में समय पर सहायता प्रदान कर किसी व्यक्ति का जीवन बचाया जा सकता है। उन्होंने नागरिकों से मानवता के इस कार्य में आगे आने तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

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