डाइट लोहाघाट में कक्षा 12 के कौशलम शिक्षक प्रशिक्षण का सफल समापन,
जिले में सभी चरणों की ट्रेनिंग पूर्णविद्यार्थियों में उद्यमशील मानसिकता विकसित करने पर रहा जोर; अंतिम बैच में 54 शिक्षकों ने सीखे नवाचार के गुरसमग्र शिक्षा उत्तराखंड एवं उद्यम लर्निंग फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित हुआ त्रिदिवसीय प्रशिक्षणलोहाघाट (चंपावत)। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) लोहाघाट में समग्र शिक्षा उत्तराखंड एवं उद्यम लर्निंग फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे ‘कौशलम एंटरप्रेन्योरशिप माइंडसेट करिकुलम’ के तहत कक्षा 12 के शिक्षकों का तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शनिवार को संपन्न हो गया। 22 से 24 अक्टूबर तक चले इस प्रशिक्षण के साथ ही जिले में कक्षा 9 से 12 तक के कौशलम शिक्षक प्रशिक्षण का अंतिम चरण भी पूर्ण हो गया है।समापन अवसर पर जिले भर के विभिन्न माध्यमिक विद्यालयों से आए 54 प्रतिभागी शिक्षकों ने विद्यालयों में कक्षा 12 के छात्र-छात्राओं के बीच कौशलम पाठ्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन और हैंड्स-ऑन गतिविधियों के संचालन के गुर सीखे।कार्यक्रम के जिला समन्वयक डॉ. कमल गहतोड़ी ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि कौशलम कार्यक्रम का उद्देश्य केवल रोजगार की तलाश तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में समस्या-समाधान, नेतृत्व क्षमता, जोखिम लेने का साहस और एक सशक्त ‘उद्यमशील मानसिकता’ (Entrepreneurial Mindset) विकसित करना है। उन्होंने बताया कि चंपावत सहित संपूर्ण उत्तराखंड के माध्यमिक विद्यालयों में यह कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है, जिसके दूरगामी व सकारात्मक परिणाम आने वाले समय में राज्य के युवाओं के सर्वांगीण विकास और आत्मनिर्भरता के रूप में दिखाई देंगे।तीन दिवसीय कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर खीम सिंह बोहरा, नीरज जोशी, डॉ. ललित मोहन और देवेंद्र पुनेठा ने विभिन्न रोचक गतिविधियों, समूह चर्चाओं और व्यवहारिक अभ्यासों के माध्यम से प्रशिक्षण सत्रों को संपन्न कराया। इस दौरान उद्यम लर्निंग फाउंडेशन की जिला समन्वयक नैना ने तकनीकी व समन्वय स्तर पर सक्रिय सहयोग प्रदान किया।समापन सत्र के दौरान डाइट प्राचार्य एवं समस्त संकाय सदस्यों ने शिक्षकों के उत्साह की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि प्रशिक्षित शिक्षक अपने-अपने विद्यालयों में जाकर छात्र-छात्राओं को नवाचार और उद्यमशीलता की नई दिशा देंगे। अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण पूर्ण करने पर शुभकामनाएं दी गईं।
Kamal bhandari editor in chief.

