नशे की बढ़ती समस्या के विरुद्ध जागरूकता, रोकथाम एवं नशा मुक्ति के प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान (DJJS) के ‘बोध–नशा उन्मूलन कार्यक्रम’ ने भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय (MSJE) के साथ नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) के अंतर्गत दो वर्ष के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) किया है।इसी क्रम में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान से जुड़े पिथौरागढ़ के कार्यकर्ताओं द्वारा एसडीएस जीआईसी पिथौरागढ़ में विद्यार्थियों के लिए नशा मुक्ति एवं नशे के दुष्प्रभावों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने नाटक के माध्यम से नशे की समस्या, इसके दुष्परिणामों तथा नशे से दूर रहने का संदेश प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान पिथौरागढ़ की संयोजिका साध्वी हरअर्चना भारती ने बताया कि यह साझेदारी देश में नशे की रोकथाम एवं नशा मुक्ति के प्रयासों को व्यापक स्तर पर मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि ‘बोध’ कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं एवं समाज के विभिन्न वर्गों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने तथा नशे से दूर रहने के लिए सकारात्मक एवं सशक्त वातावरण तैयार करने का प्रयास किया जाएगा।नाटक के माध्यम से विद्यार्थियों को बताया गया कि नशे की आदत न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य एवं भविष्य को प्रभावित करती है, बल्कि परिवार और समाज पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।
kamal bhandari editor in chief ।

