आठ दिन की तलाश के बाद मिला गीता देवी का शव, लोहावती नदी में मिला शव; गांव में पसरा मातम .

आठ दिन की तलाश के बाद मिला गीता देवी का शव, लोहावती नदी में मिला शव; गांव में पसरा मातम .

चंपावत। उत्तराखंड के चंपावत में लोहावती नदी में बहकर लापता हुई गीता देवी की तलाश आखिरकार आठ दिन बाद समाप्त हो गई। गुरुवार देर शाम एसडीआरएफ, पुलिस और ग्रामीणों की कड़ी मशक्कत के बाद गीता देवी का शव घटनास्थल से करीब तीन किलोमीटर नीचे बरामद किया गया। शव मिलने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया, वहीं आठ दिनों से उनकी तलाश में जुटे ग्रामीणों और रेस्क्यू टीमों ने राहत की सांस ली।1 अक्टूबर को नदी में बह गई थीं गीता देवीप्राप्त जानकारी के अनुसार, गीता देवी पत्नी उमेद सिंह एक अक्टूबर को लोहावती नदी में बह गई थीं। घटना के बाद से ही उनकी तलाश के लिए व्यापक स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था। ग्राम प्रधान निर्मला पांडे के नेतृत्व में ग्रामीणों, पुलिस, एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीम लगातार नदी में खोजबीन कर रही थी।आठ दिनों तक चला सर्च ऑपरेशनगीता देवी को खोजने के लिए रेस्क्यू टीमों ने दिन-रात अभियान चलाया। नदी के आसपास और संभावित स्थानों पर लगातार तलाशी ली गई। ग्रामीणों ने भी इस मुश्किल घड़ी में रेस्क्यू टीम का पूरा सहयोग किया। आखिरकार आठ दिनों की कड़ी मेहनत के बाद गुरुवार देर शाम सफलता मिली और गीता देवी का शव बरामद कर लिया गया।पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजाशव बरामद होने के बाद पुलिस ने उसे अपने कब्जे में ले लिया और पोस्टमार्टम के लिए चंपावत लाया गया। घटना के बाद से ही परिवार और गांव के लोग गीता देवी की तलाश को लेकर चिंतित थे। शव मिलने की खबर से गांव में शोक का माहौल है।ग्राम प्रधान ने ग्रामीणों और रेस्क्यू टीम का जताया आभारग्राम प्रधान निर्मला पांडे ने गीता देवी की तलाश में जुटी पुलिस, एसडीआरएफ, गोताखोरों और ग्रामीणों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सफल रेस्क्यू अभियान में सहयोग देने के लिए सभी ग्रामीणों, पुलिस, एसडीआरएफ और प्रशासन का आभार जताया।आठ दिनों तक चले इस कठिन रेस्क्यू अभियान में ग्रामीणों और बचाव दल की भूमिका सराहनीय रही। हालांकि, गीता देवी के शव की बरामदगी से तलाश तो समाप्त हो गई, लेकिन परिवार के लिए यह दुखद घटना गहरा दर्द छोड़ गई।

kamal bhandari editor in chief

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