राजकीय आदर्श महाविद्यालय देवीधुरा में देवभूमि उद्यमिता योजना के अंतर्गत एक दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. गीता श्रीवास्तव, नोडल अधिकारी डॉ. हेम चंद्र, कार्यक्रम संयोजक जयेंद्र विक्रम तथा अन्य प्राध्यापकों द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
अपने उद्घाटन संबोधन में डॉ. गीता श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक कौशल के आधार पर स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग उद्यमिता के माध्यम से आत्मनिर्भर उत्तराखंड के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
नोडल अधिकारी डॉ. हेम चंद्र ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए आगामी बूट कैंप, उद्यमिता विकास कार्यक्रम (EDP) और मेगा स्टार्टअप समिट की जानकारी दी। उन्होंने चम्पावत परिसर में पूर्व में आयोजित उद्यमिता गतिविधियों और उनकी उपलब्धियों का भी उल्लेख किया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान, अहमदाबाद से आए प्रोजेक्ट ऑफिसर जयेंद्र विक्रम ने विद्यार्थियों को उद्यमिता की अवधारणा, नवाचार के विभिन्न आयाम और स्टार्टअप इकोसिस्टम की संभावनाओं से अवगत कराया। उन्होंने समस्याओं की पहचान, नए विचारों के सृजन, अवसरों के मूल्यांकन और व्यवसायिक विचारों को बाजार तक पहुँचाने की प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही स्टार्टअप और पारंपरिक व्यवसाय के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए व्यवसाय के लिए पूंजी जुटाने के विभिन्न स्रोतों पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में देवभूमि उद्यमिता योजना के तहत उपलब्ध प्रशिक्षण, मेंटरशिप, वेंचर डेवलपमेंट सपोर्ट, हैंड-होल्डिंग और वित्तीय सहायता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ भी साझा की गईं।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. अमित कुमार, डॉ. रजनी मेहरा, डॉ. किरण बाली, डॉ. चन्द्रसुत हरिओम्, डॉ. कविता अप्रेती, डॉ. मनोहर जोशी, डॉ. पूजा लोहिया, डॉ. विकास सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

