नाबालिग से जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाने के दोषी को 20 वर्ष के कारावास की सजा

– विशेष सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) अनुज कुमार संगल की अदालत ने सुनाया फैसला

चंपावत। विशेष सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) अनुज कुमार संगल की अदालत ने नाबालिग से जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाने के दोषी को 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामले के अनुसार, एक अगस्त 2024 को बनबसा क्षेत्र निवासी पीड़िता के चाचा ने थाने में तहरीर दी। कहा कि उसकी 14 वर्षीय भतीजी के साथ बेजबंद गोठ बनबसा निवासी अफसार खान ने जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। घटना की जानकारी परिजनों को बताने पर उसे जान से मारने की धमकी दी। तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(3), 65 (1) और लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम धारा 3/4 के तहत प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस ने मामले की विवेचना की। पुलिस ने फरार आरोपी अफसार खान को गिरफ्तार किया। इसके बाद उसके खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया। तब से मामला न्यायालय में चल रहा था। जिस पर सोमवार को फैसला आया। विशेष सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) अनुज कुमार संगल की अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें, गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों का परिशीलन करने के बाद आरोपी को दोषी करार दिया। अदालत ने दोषी अफसार खान को भारतीय न्याय संहिता की धारा 65 (1) और पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 (2) के अपराध में 20 वर्ष के कारावास और एक लाख के जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(3) के अपराध में दो वर्ष के कारावास से दंडित किया गया। अर्थदंड की राशि जमा न करने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

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