निदेशालय पंचायतीराज, उत्तराखण्ड द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार (NPA) 2026 के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जनपद चम्पावत में भी उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों के चयन की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गई है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने बताया कि पंचायतीराज मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंचायतों को प्रोत्साहित एवं सम्मानित करने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं। इन पुरस्कारों का उद्देश्य पंचायतों में सुशासन, सतत विकास, जनभागीदारी एवं नवाचार को बढ़ावा देना है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष पुरस्कार मुख्य रूप से दो प्रमुख श्रेणियों — ‘दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार’ (DDUPSVP) तथा ‘नानाजी देशमुख सर्वोत्तम पंचायत सतत विकास पुरस्कार’ (NDSPSVP) — के अंतर्गत प्रदान किए जाएंगे। पंचायतों का चयन मूल्यांकन वर्ष 2023-24 के ‘पंचायत उन्नति सूचकांक 2.0’ (PAI 2.0) के आंकड़ों एवं प्राप्त स्कोर के आधार पर किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापरक होगी। पंचायतों के मूल्यांकन में PAI 2.0 स्कोर, फील्ड वेरिफिकेशन, पंचायतों द्वारा किए गए नवाचार, विकास कार्यों की गुणवत्ता तथा पंचायत की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को दर्शाने वाले वीडियो एवं विस्तृत विवरण का राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षण किया जाएगा।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी आवश्यक कार्यवाही निर्धारित समयावधि में पूर्ण करना सुनिश्चित करें, ताकि जनपद की पात्र एवं उत्कृष्ट ग्राम पंचायतों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान एवं सम्मान प्राप्त हो ।

