मदिरा की बोतलों पर पुरानी दर और वसूली जा रही नई कीमत के संशय को आबकारी विभाग ने किया दूर

जिला आबकारी अधिकारी राजेंद्र लाल शाह ने जनपद के मदिरा उपभोक्ताओं और आम जनमानस को सूचित करते हुए जानकारी दी कि नवीन वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रारंभिक चरण में मदिरा आपूर्ति और कीमतों को लेकर उपजी असमंजस की स्थिति अस्थाई है। उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में मदिरा निर्माता कंपनियों द्वारा जनपद में नई खेप की आपूर्ति अभी शुरू नहीं की जा सकी है। इस परिस्थिति में राजस्व हित और दुकानों के सुचारू संचालन को प्राथमिकता देते हुए फुटकर मदिरा अनुज्ञापियों को पुराने स्टॉक की मदिरा विक्रय करने की अनुमति प्रदान की गई है।
अधिकारी ने स्पष्ट किया कि वित्तीय वर्ष बदलने के साथ ही मदिरा के मूल्यों में ₹15 से ₹20 तक की वृद्धि हुई है, जिसके कारण पुराने स्टॉक की बोतलों पर अंकित दर और वर्तमान विक्रय मूल्य में अंतर देखने को मिल रहा है। इस मूल्य भिन्नता के कारण खरीदारों के बीच संशय उत्पन्न होना स्वाभाविक है, किंतु यह व्यवस्था केवल आपूर्ति सुचारू होने तक के लिए अपनाई गई है। जैसे ही निर्माता कंपनियों द्वारा जनपद के एफएल-2 गोदामों में नई आपूर्ति उपलब्ध करा दी जाएगी, दुकानों पर नई एम.आर.पी. (M.R.P.) अंकित बोतलें उपलब्ध होने लगेंगी। जिला आबकारी विभाग ने उपभोक्ताओं से इस संक्रमण काल में सहयोग की अपील की है और आश्वस्त किया है कि आपूर्ति व्यवस्था को जल्द ही सामान्य कर लिया जाएगा।

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