प्रशिक्षित प्रगणकों ने संभाली कमान: डिजिटल जनगणना 2027 का अभियान तेज

जनपद चम्पावत में आज शनिवार से राष्ट्रीय महत्व के महाभियान ‘भारत जनगणना 2027’ का औपचारिक शुभारंभ हो गया है। यह ऐतिहासिक अभियान न केवल जनसंख्या के आंकड़ों के संकलन का माध्यम है, बल्कि जनपद के समग्र, संतुलित एवं सतत विकास की आधारशिला भी सिद्ध होगा।

जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार की महत्वाकांक्षी ‘डिजिटल इंडिया’ परिकल्पना के अनुरूप इस बार जनगणना की संपूर्ण प्रक्रिया को पूर्णतः डिजिटल स्वरूप में संपन्न किया जा रहा है। इससे डेटा संकलन में पारदर्शिता, तीव्रता एवं शुद्धता सुनिश्चित होगी, जो भविष्य की योजनाओं के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।

उन्होंने बताया कि आज से जनगणना के द्वितीय चरण के तहत प्रातः काल से ही प्रशिक्षित प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर डेटा संकलन का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। यह चरण आगामी 24 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा।

इस अवधि के दौरान भवनों की वर्तमान स्थिति, निर्माण की प्रकृति, उपयोगिता तथा परिवारों को उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं जैसे पेयजल, विद्युत, शौचालय, आवासीय स्थिति आदि का विस्तृत विवरण अत्याधुनिक ‘HLO Application’ के माध्यम से सीधे डिजिटल सर्वर पर दर्ज किया जा रहा है। इससे डेटा की वास्तविक समय में निगरानी एवं विश्लेषण संभव हो सकेगा।

जिलाधिकारी ने आगे बताया कि यह संपूर्ण जनगणना अभियान दो प्रमुख चरणों में संपन्न होगा। प्रथम चरण में भौतिक आधारभूत संरचना एवं आवासीय स्थितियों का सर्वेक्षण किया गया था, जबकि द्वितीय चरण में जनसंख्या से संबंधित सामाजिक, आर्थिक एवं जनसांख्यिकीय आंकड़ों का गहन संकलन किया जाएगा।

उन्होंने विशेष रूप से रेखांकित किया कि जनगणना केवल जनसंख्या की गणना भर नहीं है, बल्कि यह शासन-प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण नीति-निर्माण उपकरण है। इसके माध्यम से ही संसाधनों का न्यायसंगत वितरण, लक्षित विकास योजनाओं का निर्माण तथा समाज के प्रत्येक वर्ग तक योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाता है।

जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि सभी नागरिक जनगणना कार्य में पूर्ण सहयोग प्रदान करें तथा प्रगणकों को सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से ही यह महाभियान सफल हो सकेगा और चम्पावत को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल माध्यम से संपन्न हो रही यह जनगणना चम्पावत को स्मार्ट प्रशासन और डेटा-आधारित विकास मॉडल की दिशा में अग्रसर करेगी, जिससे भविष्य की योजनाएं अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं जनहितकारी बन सकेंगी।

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