पिथौरागढ़
कलेक्ट्रेट में अनुसूचित जाति उपयोजना एवं प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजनांतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ आयोजित*
अनुसूचित जाति उपयोजना एवं प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजनांतर्गत मत्स्य पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन कलेक्ट्रेट सभागार, पिथौरागढ़ में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन भा.कृ.अनु.प.-केंद्रीय शीतजल मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान, भीमताल के सहयोग से मत्स्य पालन विभाग, पिथौरागढ़ द्वारा किया गया।कार्यक्रम में जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने प्रतिभाग करते हुए मत्स्य पालकों से प्रशिक्षण को गंभीरता एवं ध्यानपूर्वक पूरा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों द्वारा दी जा रही जानकारियों को अच्छी तरह समझें तथा इन्हें धरातल पर अपनाकर मत्स्य पालन को अधिक लाभकारी बनाएं।जिलाधिकारी ने जनपद में ट्राउट मत्स्य पालन पर विशेष फोकस करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ की जलवायु ट्राउट पालन के लिए अनुकूल है, इसलिए इसकी संभावनाओं का बेहतर उपयोग किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने मत्स्य उत्पादों की गुणवत्ता एवं मार्केटिंग पर विशेष ध्यान देने को कहा, ताकि मत्स्य पालकों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल सके।जिलाधिकारी ने मत्स्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद में स्वयं सहायता समूहों को मत्स्य पालन की ओर आकर्षित करते हुए उन्हें विभागीय योजनाओं का पूरा लाभ दिलाया जाए तथा आवश्यक सहयोग एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए।प्रशिक्षण के दौरान विषय विशेषज्ञों द्वारा आधुनिक मत्स्य पालन, ट्राउट पालन, मत्स्य आहार, उत्पादन, गुणवत्ता, विपणन सहित विभिन्न विषयों पर प्रतिभागियों को विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले मत्स्य पालकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए तथा मत्स्य आहार एवं अन्य आवश्यक उपकरण भी वितरित किए गए।इस दौरान सहायक निदेशक मत्स्य रमेश सिंह चलाल, विषय विशेषज्ञ एवं बड़ी संख्या में मत्स्य पालक उपस्थित रहे।
kamal bhandari editor in chief ।

