टनकपुर छात्रसंघ चुनाव विवाद: निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर छात्रों ने खोला मोर्चा, हाईकोर्ट जाने की तैयारी ।

टनकपुर छात्रसंघ चुनाव विवाद: निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर छात्रों ने खोला मोर्चा, हाईकोर्ट जाने की तैयारी

टनकपुर। राजकीय महाविद्यालय टनकपुर के छात्रसंघ चुनाव 2026-27 को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। मतदान और मतगणना के बाद अध्यक्ष पद के परिणाम को लेकर उठे सवालों के बीच एबीवीपी प्रत्याशी सुमित सिंह नायक समेत कई छात्रों ने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और फर्जी मतदान के आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्रों ने महाविद्यालय प्रशासन से चुनाव से संबंधित सीसीटीवी फुटेज, मतदाता सूची, मतदान अभिलेख और अन्य चुनावी दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। छात्रों का कहना है कि उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच से ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।अध्यक्ष पद के परिणाम को लेकर उठे सवाल29 सितंबर को हुए मतदान और मतगणना के बाद अध्यक्ष पद के परिणाम को लेकर विवाद सामने आया। उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के अनुसार एनएसयूआई प्रत्याशी ध्यान सिंह बोहरा को 499, जबकि एबीवीपी प्रत्याशी सुमित सिंह नायक को 484 मत मिले। परिणाम को लेकर एबीवीपी की ओर से पुनर्गणना और जांच की मांग उठाई गई, जिसके बाद देर रात तक स्थिति को लेकर असमंजस बना रहा।छात्रों ने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच के साथ-साथ पूरे चुनावी रिकॉर्ड का परीक्षण कराने की मांग की है। प्रशासन की ओर से मामले में जांच किए जाने की बात सामने आई है।‘सीसीटीवी फुटेज की जांच हो, सच्चाई सामने आएगी’प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्रों ने महाविद्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच कराने की मांग प्रमुखता से उठाई। उनका कहना है कि मतदान और मतगणना से संबंधित समय की रिकॉर्डिंग सामने आने पर लगाए जा रहे आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकती है।छात्रों ने यह भी कहा कि यदि जांच में उनके आरोप सही साबित नहीं होते हैं, तो वे तथ्यों के आधार पर अपने दावों पर पुनर्विचार करने को तैयार हैं। साथ ही महाविद्यालय प्रशासन से छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों और प्रशासन की ओर से सामने रखे गए तथ्यों को रिकॉर्ड के आधार पर स्पष्ट करने की मांग की गई।चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों की भूमिका की समीक्षा की मांगछात्रों ने महाविद्यालय प्रशासन, चुनाव प्रभारी और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों की भूमिका की भी नियमानुसार समीक्षा किए जाने की मांग की। उनका कहना है कि चुनाव से जुड़े सभी दस्तावेजों और रिकॉर्ड की पारदर्शी तरीके से जांच होनी चाहिए, जिससे किसी भी तरह की शंका की स्थिति समाप्त हो सके।प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान महाविद्यालय प्रशासन और चुनाव प्रभारी के खिलाफ नारेबाजी भी की गई तथा छात्रों ने निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई।पूर्णागिरि दरबार में अर्जी, फिर हाईकोर्ट जाने की तैयारीछात्रों ने कहा कि वे अपनी मांग को लेकर मां पूर्णागिरि के दरबार में अर्जी लगाएंगे। इसके बाद न्यायिक प्रक्रिया के तहत हाईकोर्ट की शरण लेने की तैयारी की जा रही है।छात्रों ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका से निष्पक्ष न्याय की उम्मीद है और वे चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अपने सवालों का समाधान संवैधानिक एवं न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से चाहते हैं।सात पदों पर 15 प्रत्याशी थे मैदान मेंगौरतलब है कि टनकपुर महाविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए एबीवीपी के सुमित सिंह नायक और एनएसयूआई के ध्यान सिंह बोहरा के बीच मुकाबला था। चुनाव में सात पदों पर कुल 15 वैध प्रत्याशी मैदान में थे, जबकि 1172 मतदाता मतदान के लिए पंजीकृत बताए गए थे।प्रेस कॉन्फ्रेंस में अध्यक्ष पद के एबीवीपी प्रत्याशी सुमित सिंह नायक, कोषाध्यक्ष पद की नवनिर्वाचित नीतू बिष्ट और एमए प्रथम वर्ष के छात्र सनी यादव समेत अन्य छात्रों ने अपनी मांगें रखीं।अब सभी की निगाहें प्रशासन की जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हैं। छात्रों की मांग है कि चुनाव से संबंधित सीसीटीवी फुटेज, मतदाता सूची, मतदान एवं मतगणना के रिकॉर्ड समेत सभी दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच की जाए और जांच के आधार पर स्थिति स्पष्ट की जाए।छात्रसंघ चुनाव को लेकर उठा यह विवाद अब परिणाम से आगे बढ़कर पारदर्शिता, जांच और न्यायिक प्रक्रिया का मुद्दा बन गया है। आने वाले दिनों में जांच में सामने आने वाले तथ्यों से ही स्पष्ट होगा कि छात्रों की ओर से लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति क्या है।

kamal bhandari editor in chief ।

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