चंपावत। जिला पंचायत की शक्तिपुरबुंगा सीट पर जीत का जश्न मना रहे कृष्णानंद जोशी के लिए मंगलवार का दिन बड़ा झटका लेकर आया। चंपावत जिला न्यायालय ने 28 अप्रैल को उनका निर्वाचन रद्द करते हुए यह सीट रिक्त घोषित कर दी।
क्या था पूरा मामला?
जुलाई 2025 में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में कृष्णानंद जोशी ने शक्तिपुरबुंगा सीट से भाजपा समर्थित प्रत्याशी मनमोहन सिंह बोहरा को महज 345 मतों के अंतर से शिकस्त दी थी। चुनाव में जोशी को 2259, बोहरा को 1914, मनीष महर को 1734, दिनेश चंद्र चोड़ाकोटी को 1041 और चंद्र सिंह को 812 वोट मिले थे।
अदालत पहुंचा मामला
हार के बाद दूसरे स्थान पर रहे मनमोहन सिंह बोहरा ने जिला न्यायालय में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि कृष्णानंद जोशी का नाम चंपावत विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में दो अलग-अलग जगह दर्ज है, जो कि नियमों का सीधा उल्लंघन है।
जज का फैसला — निर्वाचन रद्द
सभी पक्षों की दलीलें सुनने और दस्तावेजों की बारीकी से जांच के बाद जिला जज अनुज कुमार संगल ने दोहरे मतदाता पंजीकरण को आधार मानते हुए कृष्णानंद जोशी का निर्वाचन रद्द कर दिया। फिलहाल शक्तिपुरबुंगा जिला पंचायत सीट रिक्त हो गई है। कृष्णानंद जोशी हाइकोर्ट का रूख अपना रहें हैं।

