विकसित भारत-2047 के तहत पिथौरागढ़ में ‘सेवा संकल्प अभियान – इनोवेशन चैलेंज 2026’ का सफल आयोजन*

विकसित भारत-2047 के तहत पिथौरागढ़ में ‘सेवा संकल्प अभियान – इनोवेशन चैलेंज 2026’ का सफल आयोजन*

*डीएम आशीष भटगांई ने युवाओं से कहा—नौकरी लेने के बजाय नौकरी देने वाली सोच विकसित करें।**सेवा संकल्प अभियान* की श्रृंखला में विकसित भारत -2047 की भावना के अनुरूप तथा इनोवेशन चैलेंज 2026 के अंतर्गत उत्तराखंड ग्रामीण विकास समिति एवं ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना (रीप), ग्रामोत्थान के अंतर्गत नन्ही परी सीमांत इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट में एक दिवसीय स्टार्टअप एवं उद्यमिता विकास हेतु बूट कैंप का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) काशीपुर द्वारा किया गया।बूट कैंप में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं, उद्यमियों एवं युवाओं ने प्रतिभाग किया। विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों को उत्पादों की मार्केटिंग एवं ब्रांडिंग, बिजनेस आइडिया विकसित करने, उद्यम संचालन तथा बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यवसाय को आगे बढ़ाने के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।कार्यक्रम में जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने प्रतिभाग करते हुए कहा कि वर्तमान समय में नवाचार को अपनाना बेहद आवश्यक है। प्रतिस्पर्धा के दौर में स्वयं को स्थापित करने के लिए नए विचारों और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि युवाओं को पारंपरिक सोच से आगे बढ़ते हुए नए अवसरों की तलाश करनी चाहिए।जिलाधिकारी ने युवाओं से नौकरी लेने के बजाय नौकरी देने वाली सोच विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा युवाओं एवं उद्यमियों को स्वरोजगार और उद्यम स्थापित करने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने प्रतिभागियों से कहा कि बूट कैंप में विशेषज्ञों द्वारा दी जा रही जानकारी को गंभीरता से समझें और उसे अपने व्यवसाय एवं उद्यम में प्रभावी ढंग से लागू करें।उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों में अपार संभावनाएं हैं। उचित ब्रांडिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग और तकनीक का उपयोग कर स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाया जा सकता है।कार्यक्रम में महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र कविता भगत ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना एवं उत्तराखंड स्टार्टअप नीति 2023 के अंतर्गत मिलने वाले ₹15,000 मासिक भत्ता, ₹7.5 लाख प्रोटोटाइप अनुदान एवं मार्केटिंग सहायता आदि योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया।इस दौरान निदेशक सीमांत इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट प्रो0 अजीत सिंह, भारतीय प्रबंधन संस्थान के सुमित कुमार चौहान, सहित बड़ी संख्या में युवा, उद्यमी एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित रही।जिला सूचना अधिकारी पिथौरागढ़।

kamal bhandari editor in chief ।

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