सीमांत क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के विजन से टनकपुर में ₹19.81 करोड़ से आकार ले रहा 50 बेड का आयुष अस्पताल*

चम्पावत ,

*सीमांत क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के विजन से टनकपुर में ₹19.81 करोड़ से आकार ले रहा 50 बेड का आयुष अस्पताल*

*आयुर्वेद और योग का नया केंद्र बनेगा चम्पावत: टनकपुर में ₹19.81 करोड़ से बन रहा 50 शैय्यायुक्त आयुष अस्पताल*माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय आयुष मिशन योजना के अंतर्गत जनपद चम्पावत के टनकपुर में ₹19.81 करोड़ की लागत से 50 शैय्यायुक्त आयुष चिकित्सालय के भवन का निर्माण कार्य वर्तमान में तीव्र गति से संचालित किया जा रहा है। मा मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप इस अत्याधुनिक चिकित्सालय के निर्माण से चम्पावत तथा आसपास के सीमांत एवं पर्वतीय क्षेत्रों में आयुष चिकित्सा प्रणाली को मजबूती मिलेगी।टनकपुर में निर्माणाधीन 50 शैय्यायुक्त अस्पताल में आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी और होम्योपैथी पद्धतियों के माध्यम से गंभीर एवं असाध्य रोगों का समग्र और प्राकृतिक उपचार संभव हो सकेगा। 50 बेड की भर्ती क्षमता होने से गंभीर मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही आईपीडी की बेहतर सुविधा मिलेगी, जिससे उन्हें उच्च स्तरीय इलाज के लिए अन्य बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। इसके अलावा, नियमित योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सत्रों के जरिए लोगों को गंभीर बीमारियों से बचाव और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के प्रति जागरूक किया जा सकेगा।मा मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड को आयुष एवं पारंपरिक चिकित्सा का प्रमुख केंद्र बनाने का संकल्प धरातल पर उतर रहा है। टनकपुर में निर्माणाधीन यह चिकित्सालय न केवल चम्पावत बल्कि आसपास के दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों के मरीजों के लिए भी वरदान साबित होगा, जहाँ सस्ती और दुष्प्रभाव-रहित चिकित्सा सेवाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी। राज्य सरकार द्वारा निर्माण कार्य को उच्च मानक की गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि क्षेत्रवासियों को जल्द से जल्द इस आधुनिक आयुष चिकित्सा सुविधा का प्रत्यक्ष लाभ मिलना प्रारंभ हो सके।

kamal bhandari editor in chief ।

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