चम्पावत,
*सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें अधिकारी: जिलाधिकारी*
*लंबित शिकायतों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश, शिकायतकर्ताओं से नियमित संवाद पर दिया जोर*माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जनसमस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 की समीक्षा बैठक की।जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों की विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन आमजन की समस्याओं के समाधान का महत्वपूर्ण माध्यम है। प्रत्येक शिकायत को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ लेते हुए शिकायतकर्ता को संतोषजनक समाधान उपलब्ध कराया जाए।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण के दौरान शिकायतकर्ता से नियमित संवाद बनाए रखा जाए। यदि किसी अपरिहार्य कारण से किसी शिकायत को फोर्स क्लोज करना आवश्यक हो तो उसका स्पष्ट एवं उचित कारण दर्ज करने के साथ शिकायतकर्ता को भी इसकी जानकारी दी जाए। शिकायत के निस्तारण में तथ्यों और आवश्यक साक्ष्यों का विशेष ध्यान रखा जाए।जिलाधिकारी ने अधिकारियों को फील्ड स्तर पर सक्रिय रहकर जनसमस्याओं का समाधान करने के निर्देश देते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर समस्याओं का समय से समाधान होने पर आमजन को अनावश्यक रूप से कार्यालयों अथवा हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को नियमित रूप से अपने स्तर पर भी जनसमस्याओं की समीक्षा करने को कहा।बैठक में जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग (6 शिकायतें – एसडीएम टनकपुर-4, चम्पावत-1, लोहाघाट-1), नगर पालिका/नगर पंचायत (7 शिकायतें – चम्पावत-3, टनकपुर-3, बनबसा-1), पुलिस विभाग (6 शिकायतें), उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (4 शिकायतें), पंचायतीराज विभाग (3 शिकायतें), कुमाऊँ मण्डल विकास निगम (3 शिकायतें), खाद्य और नागरिक आपूर्ति (2 शिकायतें), परिवहन विभाग (2 शिकायतें), उत्तराखंड जल संस्थान (2 शिकायतें), भू-अभिलेख (2 शिकायतें), लोक निर्माण विभाग (2 शिकायतें), सिंचाई विभाग (2 शिकायतें), ग्राम्य विकास (2 शिकायतें), वन विभाग (2 शिकायतें), उप जिला चिकित्सालय टनकपुर (1 शिकायत), उत्तराखंड परिवहन निगम (1 शिकायत), उत्तराखंड पेयजल निगम (1 शिकायत), स्वजल विभाग (1 शिकायत), बागवानी विभाग (1 शिकायत), महिला कल्याण (1 शिकायत), समाज कल्याण (1 शिकायत), कृषि विभाग (1 शिकायत) एवं प्राथमिक शिक्षा (1 शिकायत) सहित विभिन्न विभागों में लंबित कुल 54 प्रकरणों (एल-1 तथा एल-2 स्तर) पर त्वरित आवश्यक कार्रवाई कर शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि आमजन को शासन एवं प्रशासन की जनकल्याणकारी व्यवस्था का समय पर लाभ मिल सके।इस दौरान प्रा. सीडीओ अजय सिंह, अर्थ एवं संख्याधिकारी दीप्तकीर्ति तिवारी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी मान सिंह, मुख्य कृषि अधिकारी धनपत कुमार, अधिशासी अभियंता जल संस्थान आरपी डोभाल, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग हितेश कांडपाल, जिला पूर्ति अधिकारी प्रियंका भट्ट, जिला पंचायत राज अधिकारी महेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
Kamal bhandari editor in chief ।

