चम्पावत,
*मंटान्डे स्वास्थ्य उपकेन्द्र के वायरल वीडियो का जिलाधिकारी ने लिया तत्काल संज्ञान, जांच के लिए मौके पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम*
स्थानीय महिलाओं ने नियमित टीकाकरण एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाएं मिलने की पुष्टि की*हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, उपकेन्द्र मंटान्डे से संबंधित वीडियो सामने आने पर जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने तत्काल संज्ञान लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके क्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान के निर्देश पर डॉ. ज्योति एवं फार्मासिस्ट(पीएच सी) श्री प्रकाश सिंह खड़ायत ने मौके पर पहुंचकर स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने उपकेन्द्र में तैनात एएनएम श्रीमती सरला जोशी एवं स्थानीय लोगों से दवाओं के निस्तारण और स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन के संबंध में जानकारी प्राप्त की।मौके पर प्राप्त जानकारी के अनुसार वीडियो में दिखाई गई दवाएं आयरन की गोलियां थीं, जिनकी उपयोग अवधि दिसंबर 2024 में समाप्त हो चुकी थी। एएनएम ने बताया कि गर्भवती एवं प्रसूता महिलाओं को समय-समय पर आयरन की गोलियां वितरित की जाती रही हैं। वितरण के बाद बची कुछ गोलियों की उपयोग अवधि समाप्त होने पर उनका निस्तारण किया गया था। फार्मासिस्ट प्रकाश सिंह ने स्पष्ट किया कि दवाओं के निस्तारण के लिए अपनाया गया तरीका यद्यपि उचित नहीं था किन्तु उपयोग अवधि समाप्त हो चुकी दवाओं का निस्तारण निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाना आवश्यक है।एएनएम श्रीमती सरला जोशी ने जानकारी देते हुये बताया कि आयरन सहित अन्य आवश्यक दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं जिन्हे स्थानीय लोगों कों समय समय पर प्रदान की जाती हैं।वीडियो में उपकेन्द्र पर ताला लगा दिखाई देने के संबंध में एएनएम ने बताया कि उस समय वह गांव में मरीज देखने गई थीं। स्थानीय महिलाओं ने भी बताया कि एएनएम नियमित रूप से गांव में आकर गर्भवती एवं प्रसूता महिलाओं की देखभाल करती हैं तथा आयरन एवं कैल्शियम की गोलियां उपलब्ध कराती हैं। महिलाओं ने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर फोन करने अथवा बुलाने पर भी वह आती हैं और बच्चों का टीकाकरण नियमित रूप से किया जा रहा है।प्रकाश सिंह ने बताया कि स्थानीय स्तर पर प्राप्त जानकारी के अनुसार क्षेत्र में पिछले ढाई वर्षों से सभी प्रसव संस्थागत हुए हैं। मौके पर उपस्थित महिलाओं ने मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं एवं टीकाकरण को लेकर संतोष व्यक्त किया। इस क्रम में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर वायरल वीडियो से संबंधित तथ्यों और स्थानीय लोगों के से बातचीत कर संतोष व्यक्त किया।
kamal bhandari editor in chief.

