37वें वर्ष की रामलीला का राजतिलक के साथ भव्य समापन, राम-सीता और लक्ष्मण की झांकी ने मोहा मन .
गोली बिरगुल। गोली बिरगुल में विगत 37 वर्षों से चली आ रही ऐतिहासिक रामलीला का 12वें एवं अंतिम दिवस भगवान श्रीराम के राजतिलक के साथ भव्य रूप से समापन हुआ। अंतिम दिन रामलीला मंचन देखने के लिए गोली बिरगुल सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं क्षेत्रवासी पहुंचे।द्वादश दिवस की रामलीला की अध्यक्षता कमेटी अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी ने की, जबकि मुख्य अतिथि लोकगायक गोपाल बाबू गोस्वामी रहे। अंतिम दिवस के मंचन में रावण द्वारा अहिरावण को दरबार में बुलाने का दृश्य प्रस्तुत किया गया। इसके बाद अहिरावण विभीषण का वेश धारण कर राम दल में प्रवेश करता है और राम-लक्ष्मण को मूर्छित कर पाताल लोक ले जाता है। वहां कालिका पूजा के पश्चात हनुमान जी पाताल लोक पहुंचकर अहिरावण का वध करते हैं और प्रभु श्रीराम एवं लक्ष्मण को मुक्त कराते हैं। कलाकारों ने इन प्रसंगों का भावपूर्ण मंचन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।रामलीला के अंतिम दिन भगवान श्रीराम का भव्य राजतिलक किया गया। इसके साथ ही श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण की आकर्षक झांकी निकाली गई। इस वर्ष रामलीला में महिला कलाकारों ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। श्रीराम की भूमिका कुमारी साक्षी महराना, लक्ष्मण की भूमिका कुमारी शीतल भट्ट तथा माता सीता की भूमिका सोनू महराना ने निभाई।इस अवसर पर अशोक बिष्ट, अम्बा दत्त जोशी, नवीन महराना, भुवन सिंह महराना, दिनेश जोशी, दीवान सिंह बिष्ट, कुंदन सिंह बिष्ट, पूरन सिंह बोहरा, विजय महराना, जीवन सिंह महराना सहित अनेक लोग मौजूद रहे। रामलीला के सफल मंचन में लीला निर्देशक मोहन जोशी, तबला वादक भीम लाल, नीरज महराना, बंटी महराना, वजीर सिंह महर, पंकज महराना, दिलीप सिंह बिष्ट, लाल सिंह महराना, विक्रम सिंह महराना, अमर सिंह, अंकित महराना, कमल महराना एवं भुवन बिष्ट का विशेष योगदान रहा। वहीं मेकअप की जिम्मेदारी कुमारी डौली बोहरा और आकांक्षा महराना ने निभाई।37 वर्षों से चली आ रही इस सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपरा के सफल आयोजन पर क्षेत्रवासियों ने रामलीला कमेटी और सभी कलाकारों की सराहना की। राजतिलक के साथ ही पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में राममय नजर आया।
kamal bhandari editor in chief.

