टनकपुर (चम्पावत): आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व और ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के माध्यम से महिलाओं को मिले 33% आरक्षण के ऐतिहासिक निर्णय को लेकर आज टनकपुर की धरती पर ‘नारी शक्ति सम्मेलन’ का भव्य आयोजन किया गया। यह सम्मेलन न केवल एक कार्यक्रम था, बल्कि विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने की दिशा में महिलाओं की सशक्त भागीदारी का गवाह बना।
नीति-निर्धारक की भूमिका में आज की नारी
सम्मेलन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि आज की नारी केवल घर की लक्ष्मी तक सीमित नहीं है, बल्कि वह देश की मुख्य नीति-निर्माता भी है। ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ ने भारत की हर बेटी, बहन और माता के सपनों को पंख दिए हैं। जब निर्णय लेने वाली मेज पर मातृशक्ति की आवाज गूंजेगी, तभी एक सशक्त समाज और समृद्ध उत्तराखंड का निर्माण होगा।
गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में दर्जा राज्य मंत्री आदरणीय हेमा जोशी जी ने शिरकत की। उनके साथ सेवानिवृत्त शिक्षिका गीता चंद जी, मंडल अध्यक्ष बबिता गोस्वामी जी, महिला प्रभारी पूरन मेहरा जी और सौरभ गुप्ता जी ने भी अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम में भारी संख्या में मातृशक्ति की उपस्थिति रही, जिसमें मुख्य रूप से:
मुकेश जोशी जी, बबलू देव जी, शिवराज सिंह जी, राजू बिष्ट।
विनीता फर्त्याल जी, सुनीता मुरारी जी, हंसा जोशी, तुलसी कुंवर।
रेखा देवी, रुचि धस्माना, अनीता यादव और रुक्मणी उनियाल जी।
आभार और संकल्प
जिला अध्यक्ष (महिला मोर्चा) दीपा जोशी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और माननीय मुख्यमंत्री जी का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ३३% आरक्षण महिलाओं के आत्मविश्वास को नई उड़ान देगा। टनकपुर से उठा यह संकल्प पूरे उत्तराखंड की महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाएगा।
जय नारी शक्ति, जय देवभूमि, जय हिंद!


