बन्तोली हादसे की होगी परत-दर-परत जांच, डीएम ने दिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश; 15 दिन में मांगी रिपोर्ट

चम्पावत के बन्तोली में हुए दर्दनाक सड़क हादसे के बाद जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने हादसे की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी करते हुए उपजिलाधिकारी लोहाघाट नीतू डांगर को जांच अधिकारी नामित किया है। जांच रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर प्रस्तुत करनी होगी।
जनपद चम्पावत के विकासखंड बाराकोट अंतर्गत ग्राम बन्तोली में शुक्रवार को हुए भीषण सड़क हादसे की अब गहन पड़ताल होगी। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने दुर्घटना के कारणों, परिस्थितियों और संभावित लापरवाही के पहलुओं की जांच के लिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 19 जून 2026 को दोपहर लगभग 12 बजकर 10 मिनट पर हल्द्वानी से पिथौरागढ़ जा रही एक टाटा पंच कार राष्ट्रीय राजमार्ग से करीब 250 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। दुर्घटना के बाद वाहन में आग लग गई थी, जिससे घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
वाहन में कुल पांच लोग सवार थे। हादसे में दो पुरुषों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो बच्चों समेत एक महिला गंभीर रूप से घायल हुई है। राहत एवं बचाव कार्य में पुलिस, राजस्व विभाग, फायर सर्विस, स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता से सहयोग किया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी लोहाघाट नीतू डांगर को मजिस्ट्रियल जांच अधिकारी नियुक्त करते हुए निर्देश दिए हैं कि दुर्घटना के सभी पहलुओं की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच कर 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
“हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उद्देश्य से प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ जांच कर रहा है।”
बन्तोली हादसे ने एक बार फिर पर्वतीय सड़कों पर सुरक्षित यात्रा और यातायात प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी निगाहें मजिस्ट्रियल जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे हादसे के पीछे की असली वजह सामने आने की उम्मीद है।

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