चम्पावत
*राजकीय उद्यान नर्सरी, मुड़ियानी में आयोजित हुआ भव्य हरेला महोत्सव मुख्य विकास अधिकारी ने पौधरोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का सन्देश*
*हरेला पर्व पर हरियाली और पर्यावरण संरक्षण का संदेश, ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत किया गया पौधारोपण*मा. मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के पर्यावरण संरक्षण एवं जनभागीदारी आधारित वृक्षारोपण के संकल्प के अनुरूप जनपद चम्पावत में हरेला पर्व हर्षोल्लास एवं पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। इसी क्रम में जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के दिशा-निर्देशों तथा मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जीएस खाती के मार्गदर्शन में राजकीय उद्यान नर्सरी, मुड़ियानी में आयोजित हरेला कार्यक्रम के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों तथा उद्यान विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा ‘मातृवृक्ष उद्यान’ की स्थापना के उद्देश्य से नींबू सहित विभिन्न फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया। साथ ही विद्यार्थियों को लगाए गए पौधों के संरक्षण एवं नियमित देखभाल का संकल्प भी दिलाया गया, ताकि भविष्य में ये पौधे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पोषण सुरक्षा एवं आजीविका संवर्धन का आधार बन सकें।उद्यान विभाग के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को फलदार पौधों की बडिंग (Budding) एवं ग्राफ्टिंग (Grafting) की आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। साथ ही मधुमक्खी पालन, पॉलीहाउस तकनीक, गुणवत्तापूर्ण पौध उत्पादन तथा उद्यानिकी आधारित स्वरोजगार की संभावनाओं की जानकारी भी साझा की। विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण में विशेष रुचि लेते हुए विभिन्न तकनीकों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती ने कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी आस्था, जिम्मेदारी और उत्तरदायित्व का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पौधारोपण तभी सार्थक होगा, जब प्रत्येक पौधे का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने तथा पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।कार्यक्रम का संचालन नोडल अधिकारी एवं पौधशाला विकास अधिकारी सुश्री दीपिका शर्मा ने किया। उन्होंने हरेला पर्व की सांस्कृतिक विरासत एवं पर्यावरणीय महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण करने का संकल्प ले, तो पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य सहज रूप से प्राप्त किया जा सकता है।जिला उद्यान अधिकारी श्री योगेश भट्ट ने विभाग द्वारा संचालित उद्यानिकी योजनाओं, फलोद्यान विकास, पौध उत्पादन एवं स्वरोजगार कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए युवाओं को उद्यानिकी के क्षेत्र में आगे आने के लिए प्रेरित किया। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी एवं मधुमक्खी पालन के समन्वित मॉडल को किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बताया।कार्यक्रम में सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया। हरेला पर्व के अवसर पर जनपद के विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं द्वारा व्यापक स्तर पर पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण तथा हरित उत्तराखण्ड के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया गया।
Kamal Bhandari editor in chief ।

