*’आदर्श चंपावत’ की परिकल्पना को मिल रही नई उड़ान: माँ पूर्णागिरि धाम में 45 करोड़ की लागत से आकार ले रहा है ‘माँ पूर्णागिरि माता रज्जू मार्ग’*

चंपावत

माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की ‘आदर्श चंपावत’ की परिकल्पना निरंतर धरातल पर उतर रही है। चाहे वह विकास के क्षेत्र में हो या कृषि के या फिर बागवानी का सुदृढ़ीकरण हो या फिर पर्यटन और धार्मिक आस्था के केंद्रों का कायाकल्प, जनपद चंपावत निरंतर ‘आदर्श चंपावत’ की परिकल्पना को पूर्ण करते हुए तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के समग्र विकास के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर आजीविका और पर्यटन को नई दिशा प्रदान करना है।इसी क्रम में विश्व प्रसिद्ध सिद्धपीठ माँ पूर्णागिरि धाम में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की यात्रा को अत्यंत सुगम, सुरक्षित और समय की बचत करने वाला बनाने के उद्देश्य से ‘माँ पूर्णागिरि माता रज्जू मार्ग’ (रोपवे) परियोजना का निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहा है। उत्तराखंड पर्यटन विकास मंडल के इस उपक्रम का निर्माण प्रतिष्ठित कार्यदायी संस्था के.आर. आनंद, नई दिल्ली द्वारा किया जा रहा है।जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार द्वारा परियोजना के विषय में जानकारी देते हुए बताया गया कि लगभग 45 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से तैयार हो रहा यह रज्जू मार्ग अत्याधुनिक ‘Tri केबल जिग बैक’ सिस्टम पर आधारित है। कुल 950 मीटर की लंबाई और 250 मीटर की ऊंचाई पर निर्मित इस रोपवे में 2 केबिन लगाए जा रहे हैं, जिसमें प्रति केबिन क्षमता 60+1 यात्रियों की होगी। यह आधुनिक रज्जू मार्ग प्रति घंटे 800 यात्रियों को परिवहन सुविधा प्रदान करेगा, जिससे श्रद्धालु मात्र 5 मिनट के अल्प समय में अपनी यात्रा पूरी कर माँ पूर्णागिरि के दर्शन कर सकेंगे।इस रज्जू मार्ग के शुरू होने से जहाँ वृद्ध, बच्चों और दिव्यांग श्रद्धालुओं को सुलभ दर्शन की सुविधा मिलेगी, वहीं दूसरी ओर जनपद में पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। मा0 मुख्यमंत्री जी के कुशल मार्गदर्शन और जिला प्रशासन के प्रयासों से चंपावत जनपद विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

kamal bhandari editor in chief ।

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