धरातल पर उतरीं मा0 मुख्यमंत्री की योजनाएं: महिला सशक्तिकरण की ओर बढ़ते कदम,पिंक ई-रिक्शा’ से रोशन हुआ महिलाओं का भविष्य।

चम्पावत

“**टनकपुर से आत्मनिर्भरता की नई उड़ान: प्रेरणा स्वयं सहायता समूह और सुनीता तिवारी की स्वावलंबन गाथा*देवभूमि उत्तराखंड की वादियों में सिर्फ प्राकृतिक खूबसूरती ही नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की एक नई और बुलंद तस्वीर भी उभर रही है। ग्रामीण आंचल की महिलाएं अब केवल घर-परिवार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे आर्थिक स्वावलंबन की राह पर कदम बढ़ाकर समाज की सोच बदल रही हैं।मा0 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं ग्रामीण अंचलों तक पहुँचकर महिलाओं के जीवन को रोशन कर रही हैं। आजीविका संवर्धन की इन्हीं पहलों के बल पर ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं, बल्कि समाज के सामने स्वावलंबन का एक बेहतरीन उदाहरण भी पेश कर रही हैं।इसी आजीविका क्रांति की मिसाल देखने को मिलती है जनपद चम्पावत के टनकपुर क्षेत्र में, जहाँ प्रेरणा स्वयं सहायता समूह ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने का बीड़ा उठाया है। समूह ने महिलाओं के सुरक्षित परिवहन और रोज़गार को बढ़ावा देने के लिए कुल 10 लाख रुपये की लागत से 5 पिंक ई-रिक्शा खरीदे हैं, जिन्हें समूह की 5 जरूरतमंद महिलाओं को सौंप दिया गया है। इस पूरी पहल को साकार करने में ग्रामोत्थान परियोजना की बहुत बड़ी भूमिका रही है, जिसकी तरफ से 6 लाख रुपये का विशेष सहयोग मिला। इसके अलावा 3 लाख रुपये परियोजना के माध्यम से बैंक ऋण के रूप में जुटाए गए और बाकी बची 1 लाख रुपये की राशि स्वयं समूह ने अपने सहयोग से एकत्र की। यह साझा प्रयास आज क्षेत्र में आजीविका का एक मजबूत आधार बन चुका है।इसी प्रेरणा स्वयं सहायता समूह की एक बेहद सक्रिय और साहसी सदस्य हैं श्रीमती सुनीता तिवारी। इस योजना के तहत जब उन्हें पिंक ई-रिक्शा मिला, तो उनके जीवन में उम्मीद की एक नई किरण जगमगा उठी। श्रीमती सुनीता आज बेहद उत्साह और आत्मविश्वास के साथ टनकपुर के रास्तों पर ई-रिक्शा चलाती हैं और स्थानीय लोगों को सुलभ व सुरक्षित परिवहन सेवाएँ प्रदान कर रही हैं। ई-रिक्शा के संचालन से उनकी दैनिक आय में ज़बरदस्त सुधार आया है, जिससे वे सम्मानपूर्वक अपने परिवार के आर्थिक आधार को संभाल रही हैं।चम्पावत जिले में प्रेरणा स्वयं सहायता समूह और श्रीमती सुनीता तिवारी की यह उपलब्धि इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि जब सरकारी योजनाओं का सही और जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन होता है, तो ग्रामीण महिलाओं के जीवन में खुशहाली और स्वावलंबन का नया उजाला बिखर जाता है।

kamal bhandari editor in chief ।

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