चंपावत,
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चंपावत के माननीय सचिव श्री भवदीप रावते के निर्देशन में विश्व मानव तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर विवेकानंद विद्या मंदिर, खर्ककार्की (चंपावत) में एक विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य ने की, जबकि संचालन अधिकार मित्र श्री हरिश्चंद्र भट्ट ने किया।शिविर में उपस्थित सभी अधिकार मित्रों ने मानव तस्करी जैसे गंभीर सामाजिक अपराध पर अपने विचार व्यक्त करते हुए छात्र-छात्राओं को इसके कारणों, दुष्परिणामों एवं बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। बताया गया कि प्रतिवर्ष 30 जुलाई को विश्व मानव तस्करी विरोधी दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य मानव तस्करी के विरुद्ध जन-जागरूकता बढ़ाना तथा इस अपराध की रोकथाम के लिए समाज को संवेदनशील बनाना है।वक्ताओं ने बताया कि मानव तस्करी के अंतर्गत महिलाओं एवं युवतियों को वेश्यावृत्ति में धकेलना, छोटे बच्चों से अंग-भंग कराकर भीख मंगवाना, अंगों की तस्करी, बंधुआ मजदूरी, जबरन श्रम कराना तथा लड़कियों की खरीद-फरोख्त जैसे जघन्य अपराध शामिल हैं। उन्होंने कहा कि गरीबी, अशिक्षा एवं लालच मानव तस्करी के प्रमुख कारण हैं और इससे बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम जागरूकता है।कार्यक्रम में यह भी जानकारी दी गई कि मानव तस्करी जैसे अपराधों के लिए भारतीय कानून में कठोर दंड का प्रावधान है। साथ ही छात्र-छात्राओं को बाल विवाह निषेध कानून एवं पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।शिविर के दौरान नालसा (NALSA) की टोल-फ्री हेल्पलाइन 15100 की जानकारी देते हुए आवश्यकता पड़ने पर कानूनी सहायता प्राप्त करने के लिए इसका उपयोग करने का आह्वान किया गया।कार्यक्रम में अधिकार मित्र श्री गोविंद सिंह महर, श्री हरिश्चंद्र भट्ट सहित अन्य अधिकार मित्रों ने सक्रिय सहभागिता निभाई तथा विद्यार्थियों से मानव तस्करी जैसी सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध जागरूक एवं सतर्क रहने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
kamal bhandari editor in chief ।

