सर्वोच्च न्यायालय एवं एनजीटी के मानकों के अनुरूप चंपावत में प्रशासनिक तंत्र की पहल: जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के निर्देशों पर जनपद के समस्त शासकीय कार्यालयों में संचालित हुआ वृहद स्वच्छता अभियान

चंपावत ,

माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा स्वच्छता के संबंध में दिए गए दिशा-निर्देशों एवं नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के निर्धारित मानकों के अक्षरसः अनुपालन के साथ-साथ शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप स्वच्छ, पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित प्रशासनिक परिवेश के निर्माण हेतु जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के स्पष्ट एवं सख्त निर्देशों के क्रम में जनपद चंपावत के समस्त शासकीय एवं अधीनस्थ कार्यालयों में एक व्यापक स्वच्छता अभियान सफलता पूर्वक संचालित किया गया। इस विशेष अभियान का मुख्य ध्येय सरकारी परिसरों में स्वच्छता एवं स्वच्छता-उन्मुख माहौल निर्मित करना है, जिससे आम जनमानस के साथ-साथ अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए एक स्वास्थ्यप्रद, सुरक्षित और सकारात्मक कार्य वातावरण का सृजन हो सके।जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में जनपद स्तरीय कार्यालयों से लेकर तहसीलों एवं विकास खंडों में स्थित विभागीय कार्यालयों तक सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने स्वतःस्फूर्त होकर इस स्वच्छता महाअभियान में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। अभियान के अंतर्गत कार्यालय भवनों के आंतरिक कक्षों, बाह्य परिसरों, गलियारों, पहुंच मार्गों तथा आसपास के सार्वजनिक स्थलों की गहन साफ-सफाई की गई तथा अपशिष्ट प्रबंधन के मानकों का विशेष ध्यान रखा गया।इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि किसी एक दिन के औपचारिक आयोजन तक सीमित न रखकर इसे दैनिक कार्य संस्कृति और प्रशासनिक आचरण का स्थायी हिस्सा बनाया जाना अनिवार्य है। उन्होंने रेखांकित किया कि एक स्वच्छ और सुव्यवस्थित कार्यालय न केवल कार्मिकों की कार्यकुशलता एवं ऊर्जा में वृद्धि करता है, बल्कि शासकीय कार्यों हेतु आने वाले आम नागरिकों के मन में भी प्रशासन के प्रति अपार विश्वास और सुखद दृष्टिकोण स्थापित करता है।जिलाधिकारी द्वारा जनपद के समस्त कार्यालयाध्यक्षों एवं विभागाध्यक्षों को कहा कि वे अपने-अपने कार्यालय परिसरों में नियमित स्वच्छता और व्यवस्था को हर हाल में कायम रखें। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी स्वच्छता मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि जनपद चंपावत में एक आदर्श, पर्यावरण-अनुकूल और जन-केंद्रित प्रशासनिक व्यवस्था का निर्माण किया जा सके।

kamal bhandari editor in chief ।

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