डाइट लोहाघाट में तीन दिवसीय ‘कौशलम’ कार्यक्रम संपन्न, 54 विद्यालयों के विद्यार्थियों ने सीखे उद्यमशीलता और 21वीं सदी के कौशल ।

लोहाघाट।

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) लोहाघाट में कक्षा 11 के विद्यार्थियों के लिए आयोजित तीन दिवसीय ‘कौशलम’ कार्यक्रम का बुधवार, 26 अगस्त को विधिवत समापन हो गया। 24 से 26 अगस्त तक आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमशील मानसिकता (Entrepreneurial Mindset) विकसित करने के साथ ही उन्हें 21वीं सदी के आवश्यक कौशलों से सशक्त बनाना रहा। कार्यक्रम का आयोजन उद्यम लर्निंग फाउंडेशन (Udyam Learning Foundation) के सहयोग से किया गया, जिसके साथ शिक्षा विभाग समन्वय स्थापित कर विद्यार्थियों के कौशल विकास की दिशा में कार्य कर रहा है।दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शुभारंभकार्यक्रम का शुभारंभ 24 अगस्त को डाइट प्राचार्य दिनेश खेतवाल एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ. कमल गहतोरी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि ‘कौशलम’ कार्यक्रम का प्रमुख लक्ष्य स्कूली स्तर पर ही विद्यार्थियों में नवाचार, समस्या-समाधान क्षमता, नेतृत्व, संवाद कौशल और व्यावसायिक दृष्टिकोण विकसित करना है।उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें नए विचारों को व्यवहारिक रूप देने और अवसरों का सृजन करने के लिए भी तैयार करना आवश्यक है। इससे विद्यार्थी भविष्य में आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ समाज और देश के विकास में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे।54 विद्यालयों और 9 समूहों की रही सक्रिय भागीदारीतीन दिवसीय कार्यशाला में जनपद के 54 विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं छात्र प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी एवं सहभागितापूर्ण बनाने के लिए प्रतिभागियों को 9 अलग-अलग समूहों में विभाजित किया गया।कार्यक्रम में संदर्भदाता नीरज जोशी, कीम सिंह बोरा, निधिराज एवं अरिमर्दन सिंह ने विभिन्न गतिविधियों और सत्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को क्रिटिकल थिंकिंग, टीम वर्क, प्रभावी संवाद कौशल, समस्या-समाधान और नए विचारों को व्यावहारिक रूप देने की तकनीकों से अवगत कराया। विद्यार्थियों ने समूह गतिविधियों के माध्यम से अपने विचारों और नवाचारों को प्रस्तुत करते हुए उद्यमशीलता के विभिन्न पहलुओं को समझा।उद्यम लर्निंग फाउंडेशन का रहा विशेष सहयोगकार्यक्रम के सफल संचालन में उद्यम लर्निंग फाउंडेशन एनजीओ का विशेष सहयोग रहा। संस्था शिक्षा विभाग के साथ समन्वय एवं सहयोग कर विद्यार्थियों में उद्यमशीलता और आवश्यक जीवन कौशलों के विकास की दिशा में कार्य कर रही है। इस अवसर पर उद्यम लर्निंग फाउंडेशन की डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर मिस नैना ने कार्यक्रम के आयोजन एवं संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए अपना पूर्ण सहयोग प्रदान किया। उनके सहयोग और समन्वय से प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में विशेष मदद मिली।उद्योग विभाग देगा उत्कृष्ट उत्पादों को सहयोग26 अगस्त को आयोजित समापन समारोह में उद्योग विभाग की महाप्रबंधक सुमेधा पंत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नए विचारों, नवाचारों और उत्पाद संबंधी अवधारणाओं की सराहना की।प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए सुमेधा पंत ने कहा कि विद्यार्थियों में अपार प्रतिभा और नवाचार की क्षमता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि विद्यार्थियों द्वारा भविष्य में विकसित किए जाने वाले उत्कृष्ट, उपयोगी और नवाचारी उत्पादों को उद्योग विभाग की ओर से हरसंभव सहयोग और आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।प्रतिभागियों और संदर्भदाताओं का किया गया आभारकार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी संदर्भदाताओं, उद्यम लर्निंग फाउंडेशन की टीम, डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर मिस नैना, 54 विद्यालयों से आए शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं छात्र प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया गया। तीन दिवसीय ‘कौशलम’ कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को नए विचारों के साथ सोचने, समस्याओं के समाधान खोजने और भविष्य के लिए स्वयं को अधिक सक्षम एवं आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा दी।कुल मिलाकर, डाइट लोहाघाट में आयोजित यह कार्यक्रम शिक्षा विभाग और उद्यम लर्निंग फाउंडेशन के सहयोग से विद्यार्थियों में उद्यमशीलता, नवाचार और 21वीं सदी के आवश्यक कौशल विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

kamal bhandari editor in chief ।

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