मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में नगर पंचायत पाटी में ₹7.50 लाख से प्लास्टिक कॉम्पैक्टर स्थापना को मंजूरी, समस्त निकायों में कूड़ा वाहनों के सुदृढ़ीकरण हेतु भी वित्तीय स्वीकृति जारी*

चम्पावत

*मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में नगर पंचायत पाटी में ₹7.50 लाख से प्लास्टिक कॉम्पैक्टर स्थापना को मंजूरी, समस्त निकायों में कूड़ा वाहनों के सुदृढ़ीकरण हेतु भी वित्तीय स्वीकृति जारी*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार प्रदेश के सभी नगर निकायों में स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को आधुनिक तकनीकों से सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कदम उठा रही है। इसी क्रम में राज्य सरकार द्वारा चम्पावत जिले की नगर पंचायत पाटी में प्लास्टिक कचरे के वैज्ञानिक एवं त्वरित निस्तारण हेतु ₹7.50 लाख की लागत से प्लास्टिक कॉम्पैक्टर स्थापना की स्वीकृति प्रदान की गई है।इसके साथ ही, स्वच्छता व्यवस्था को डिजिटल व अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से प्रदेश के समस्त नगर निकायों के 1576 कूड़ा वाहनों में अतिरिक्त कंपार्टमेंट/सेग्रीगेशन बॉक्स निर्माण हेतु ₹157.60 लाख (प्रथम किश्त ₹94.56 लाख) तथा 968 कूड़ा वाहनों पर पारदर्शी डिजिटल निगरानी के लिए AIS जीपीएस सिस्टम स्थापना हेतु ₹48.40 लाख की धनराशि अवमुक्त की गई है।राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के आदेशों का अनुपालन करते हुए शहरी विकास निदेशालय के ‘रिंग फेंस्ड अकाउंट’ से स्वीकृत इन योजनाओं के माध्यम से नगर पंचायत पाटी सहित पूरे प्रदेश में गीले-सूखे कचरे को अलग-अलग एकत्र करने और वाहनों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था सुदृढ़ होगी।मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की मंशा के अनुरूप दूरस्थ क्षेत्रों के निकायों को भी आधुनिक कचरा प्रबंधन संसाधनों से लैस किया जा रहा है।इस संबंध में जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने नगर पंचायत पाटी में प्लास्टिक कॉम्पैक्टर की स्थापना के साथ-साथ कूड़ा वाहनों में सेग्रीगेशन बॉक्स व जीपीएस सिस्टम लगाने के कार्यों को पूरी पारदर्शिता, उच्च गुणवत्ता और तय समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।जिलाधिकारी ने कहा कि वाहनों में अतिरिक्त कंपार्टमेंट बनने से घर-घर से कचरा उठाने के दौरान ही गीले और सूखे कचरे का पृथक्करण सुनिश्चित होगा, वहीं AIS जीपीएस लगने से कूड़ा संग्रहण वाहनों के रूट और समय की सटीक निगरानी की जा सकेगी।

kamal bhandari editor in chief ।

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