दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की पहल, पीपलढिंग में लगाया गया स्वास्थ्य शिविर*

चम्पावत,

*दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की पहल, पीपलढिंग में लगाया गया स्वास्थ्य शिविर*

*पीपलढिंग और फूलरकोट में 68 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण, जांच के लिए लिए गए ब्लड सैंपल*मा. मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के निर्देशों के क्रम में तथा जिलाधिकारी, चम्पावत मनीष कुमार के निर्देशन में शुक्रवार को स्वास्थ्य पखवाड़े के तहत ग्राम पीपलढिंग में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी, चम्पावत डॉ. देवेश चौहान के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया तथा आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराईं।गांव में वायरल फीवर, बुखार, खांसी एवं जुकाम से ग्रामीणों के प्रभावित होने की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा शिविर में 56 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। डॉ. सौरभ ने मरीजों की जांच कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया, जबकि फार्मेसी अधिकारी योगेश कन्नौजिया द्वारा दवाओं का वितरण किया गया। सीएचओ एवं एएनएम द्वारा ग्रामीणों की एनसीडी जांच एवं पंजीकरण भी किया गया।शिविर में चंदन लैब के अंकित द्वारा 11 मरीजों के ब्लड सैंपल एकत्र किए गए, जिनमें चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार टाइफाइड डॉट, सीबीसी, एलएफटी, केएफटी, डेंगू एवं मलेरिया आदि की जांच की जा रही है। आशा कार्यकर्ताओं द्वारा ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देने के साथ क्लोरीन का वितरण किया गया। साथ ही ग्रामीणों को वायरल फीवर एवं अन्य मौसमी बीमारियों से बचाव, स्वच्छता बनाए रखने, स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल का उपयोग करने तथा बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लेने के लिए जागरूक किया गया।स्वास्थ्य टीम ने ग्रामसभा पीपलढिंग के तोक फूलरकोट पहुंचकर भी 12 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और आवश्यक दवाएं वितरित कीं। इस प्रकार पीपलढिंग एवं फूलरकोट में कुल 68 मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दिया गया। दूरस्थ क्षेत्र में स्वास्थ्य टीम को समय से पहुंचाने में वाहन चालक मोती सिंह ने भी सहयोग प्रदान किया।जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि जनपद के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के साथ मौसमी बीमारियों पर लगातार निगरानी रखी जाए। किसी क्षेत्र में बुखार, वायरल संक्रमण अथवा अन्य मौसमी बीमारियों के मामले सामने आने पर स्वास्थ्य टीम को तत्काल मौके पर भेजकर जांच, उपचार एवं आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्र के प्रत्येक व्यक्ति तक समय पर स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।मुख्य चिकित्सा अधिकारी,डॉ देवेश चौहान ने बताया कि स्वास्थ्य पखवाड़े के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचकर लोगों को जांच, उपचार एवं आवश्यक परामर्श उपलब्ध करा रही हैं। इसके साथ ही मौसमी बीमारियों की रोकथाम एवं बचाव के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि बुखार अथवा अन्य लक्षण होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र अथवा चिकित्सक से परामर्श लें।

kamal bhandari editor in chief ।

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