जिलाधिकारी ने सीमा सुरक्षा को और सुदृढ़ करने के लिए बेहतर समन्वय एवं सतत निगरानी के दिए निर्देश*

चम्पावत,

जिलाधिकारी ने सीमा सुरक्षा को और सुदृढ़ करने के लिए बेहतर समन्वय एवं सतत निगरानी के दिए निर्देश*

*BIAC की बैठक में सीमा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा, संबंधित एजेंसियों को समन्वित कार्रवाई के निर्देश*गृह सचिव भारत सरकार के दिए गए दिशा निर्देशों के क्रम में सीमा संबंधी मुद्दे एवं कार्रवाई समिति (बॉर्डर इश्यूज एंड एक्शन कमेटी -BIAC) की बैठक जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक श्री मती रेखा यादव (वर्चुअल माध्यम) की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों से जुड़े विभिन्न विषयों की समीक्षा करते हुए सुरक्षा एजेंसियों, जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय, सूचनाओं के समयबद्ध आदान-प्रदान तथा सतत निगरानी पर विशेष जोर दिया गया।जिलाधिकारी ने कहा कि सीमावर्ती जनपद में प्रभावी सीमा प्रबंधन के लिए सभी संबंधित विभागों एवं सुरक्षा एजेंसियों का आपसी समन्वय अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को सीमावर्ती क्षेत्रों से संबंधित सूचनाओं एवं आंकड़ों को नियमित रूप से संकलित एवं अद्यतन रखने तथा प्राप्त सूचनाओं का संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए नियमानुसार उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने नो मैन्स लैंड से संबंधित क्षेत्रों की वस्तुस्थिति का संयुक्त स्थलीय सत्यापन कराने के निर्देश उप जिलाधिकारी टनकपुर को दिए। उन्होंने एसएसबी, पुलिस एवं वन विभाग की संयुक्त टीम के माध्यम से सर्वे कर आवश्यक तथ्यों का संकलन करने तथा प्राप्त तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक में समिति के निर्धारित कार्य एवं दायित्वों के अंतर्गत सीमा से संबंधित आंकड़ों के संग्रह एवं संकलन, सीमा-पार अपराधों से जुड़े संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, अपराध की बदलती प्रवृत्तियों एवं कार्यप्रणाली की समीक्षा, आवश्यक निवारक कार्रवाई तथा समन्वित कार्ययोजना तैयार करने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।बैठक में बताया गया कि बदलते सुरक्षा परिदृश्य को देखते हुए सीमा प्रबंधन को केवल सीमा की भौतिक सुरक्षा तक सीमित न रखते हुए अधिक सक्रिय, निवारक एवं एकीकृत दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके लिए स्थानीय समुदाय, राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन, भारत सरकार के संबंधित मंत्रालयों, विभागों एवं एजेंसियों तथा सीमा रक्षक बलों के बीच समन्वित व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर बल दिया गया।इस दौरान सीमावर्ती क्षेत्रों में आर्थिक एवं वित्तीय गतिविधियों से जुड़े विषयों, सामाजिक एवं जनसांख्यिकीय परिवर्तनों, सीमा-पार अपराध, अवैध तस्करी, जाली दस्तावेज एवं साइबर अपराध जैसी चुनौतियों के साथ ही सीमा प्रबंधन, सीमा स्तंभों के रखरखाव, सीमावर्ती क्षेत्रों में संचालित विकास कार्यक्रमों तथा अन्य सीमा-विशिष्ट विषयों की भी समीक्षा की गई।जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं सुरक्षा एजेंसियों को निर्देशित किया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में किसी भी असामान्य अथवा संदिग्ध गतिविधि के संबंध में प्राप्त सूचना को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित माध्यम से तत्काल साझा किया जाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न एजेंसियों के बीच नियमित संवाद एवं समन्वय से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर समयबद्ध और नियमानुसार निवारक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।बैठक में प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी अजय सिंह, एसएसबी 57वीं वाहिनी के कमांडेंट अनिल कुमार यादव, एसएसबी 5वीं वाहिनी के कमांडेंट सुदेश कुमार, बीएसएनएल के डीई आशीष कुमार सहित संबंधित विभागों एवं सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी उपस्थित रहे। उप जिलाधिकारी टनकपुर सहित अन्य संबंधित अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े।

kamal bhandari editor in chief ।

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