जिलाधिकारी ने की राजस्व एवं प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा, लंबित मामलों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश*

चम्पावत,

*जिलाधिकारी ने की राजस्व एवं प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा, लंबित मामलों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश*

*ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और ई-ऑफिस का अधिक से अधिक उपयोग करें अधिकारी—जिलाधिकारी*जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला सभागार में स्टाफ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजस्व वसूली, राजस्व एवं फौजदारी वाद, राजस्व भवनों के निर्माण, सम्मन एवं नोटिस की तामिली, चरित्र सत्यापन, फार्मर रजिस्ट्री, डिजिटल क्रॉप सर्वे, अंश निर्धारण, मजिस्ट्रियल जांच, सीएम हेल्पलाइन, आपदा, आबकारी एवं ई-ऑफिस सहित विभिन्न कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों को लंबित राजस्व प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व वसूली में तेजी लाने, राजस्व एवं फौजदारी मामलों का प्राथमिकता से निस्तारण करने तथा सम्मन एवं नोटिस की तामिली समय पर सुनिश्चित करने को कहा। चरित्र सत्यापन से संबंधित आवेदनों को भी अनावश्यक रूप से लंबित न रखने के निर्देश दिए।फार्मर रजिस्ट्री एवं डिजिटल क्रॉप सर्वे की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों से जुड़े रिकॉर्ड समय पर अपडेट किए जाएं, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सके। अंश निर्धारण से जुड़े लंबित मामलों का भी नियमानुसार शीघ्र निस्तारण करने को कहा।जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रियल जांच से संबंधित लंबित प्रकरणों को निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए। सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल पोर्टल तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान धरातल पर दिखाई देना चाहिए। अधिकारी प्रत्येक शिकायत की गंभीरता से मॉनिटरिंग करें और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें।आपदा से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने राहत एवं अन्य लंबित प्रकरणों पर तेजी से कार्रवाई करने को कहा। आबकारी विभाग के कार्यों की समीक्षा की गई और जिला आबकारी अधिकारी को अपने स्तर से नियमित मॉनिटरिंग करते हुए आवश्यक कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।जिलाधिकारी ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म एवं ई-ऑफिस का अधिक से अधिक उपयोग करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों के उपयोग से सरकारी कामकाज में तेजी आने के साथ पारदर्शिता भी बढ़ती है। अधिकारी पत्रावलियों एवं अन्य प्रशासनिक कार्यों को ई-ऑफिस के माध्यम से आगे बढ़ाएं तथा लंबित मामलों की नियमित मॉनिटरिंग करें।उन्होंने कहा कि तहसील एवं विभाग स्तर पर आमजन से जुड़े मामलों को प्राथमिकता दी जाए। लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए अधिकारी अपने स्तर से मामलों की नियमित मॉनिटरिंग कर समय पर समाधान सुनिश्चित करें।बैठक में अपर जिलाधिकारी श्री के.एन. गोस्वामी, उपजिलाधिकारी चम्पावत श्री बी.सी. पंत, उपजिलाधिकारी लोहाघाट श्रीमती नीतू डागर, उपजिलाधिकारी टनकपुर श्री प्रमोद कुमार, जिला शासकीय अधिवक्ता श्री विद्याधर जोशी, डीएसओ प्रियंका भट्ट, जिला आबकारी अधिकारी राजेंद्र लाल सहित संबंधित तहसीलदार एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

kamal bhandari editor in chief ।

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